| कॉफी निर्यात 5.3 फीसदी फिसला | | महेश कुलकर्णी / बेंगलूर August 02, 2012 | | | | |
मौजूदा कैलेंडर वर्ष के पहले सात महीने (जनवरी से जुलाई 2012) में देश का कॉफी निर्यात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 5.3 फीसदी लुढ़ककर 2,28,212 टन रह गया। इसमें 45,762 टन अरेबिका, 1,26,676 टन रोबस्टा और 55,636 टन इंस्टेंट कॉफी शामिल है।
निर्यात में गिरावट मुख्य रूप से अरेबिका की कीमतों में आई गिरावट और पिछले फसल सीजन में रोबस्टा बीन्स के उत्पादन में कमी के चलते हुई। विश्लेषकों ने कहा, हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी से साल के पहले सात महीने में निर्यातकों को नुकसान की थोड़ी भरपाई करने में मदद मिली।
कॉफी एक्सपोट्र्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रमेश राजा ने कहा - 'वास्तव में इस अवधि में हम निर्यात में 10-15 फीसदी की गिरावट की उम्मीद कर रहे थे। कमजोर रुपये और वैल्यू ऐडेड कॉफी की ज्यादा मांग के चलते इस अïवधि में निर्यात में गिरावट सीमित हो गई। जून 2012 तक निर्यात में 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि हमें उम्मीद है कि मौजूदा कैलेंडर वर्ष की समाप्ति तक निर्यात में कुल गिरावट पिछले साल के मुकाबले करीब 10 फीसदी रहेगी।' साल 2011 के दौरान देश से 3,43,224 टन कॉफी का निर्यात हुआ था और इसकी कीमत 4827 करोड़ रुपये रही थी।
जनवरी-जुलाई के दौरान भारतीय मूल की कॉफी का निर्यात हालांकि 7.2 फीसदी घटकर 1,95,531 टन रह गया जबकि पिछले साल की समान अवधि में 2,10,791 टन कॉफी का निर्यात हुआ था। वैल्यू ऐडेड कॉफी का निर्यात हालांकि 32,681 टन रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 30,242 टन के मुकाबले 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है।
रोबस्टा की धुली हुई किस्म की वैश्विक बाजार में बेहतर मांग रही, खास तौर से यूरोप में। इसके परिणामस्वरूप इस किस्म की कीमतें करीब-करीब दोगुनी होकर 7900 रुपये प्रति 50 किलोग्राम पर पहुंच गई जबकि जुलाई 2011 में यह 4300 रुपये प्रति 50 किलोग्राम पर थी। यूरोपीय बाजार में रोबस्टा कॉफी की खपत ज्यादा हो रही है।
कीमत के लिहाज से कुल कॉफी निर्यात 3383 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल भी यह कमोबेश इतना ही यानी 3382 करोड़ रुपये था। कॉफी निर्यातक कंपनी एलनसंस लिमिटेड के एम पी देवैया ने कहा - 'डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी के बाद भी निर्यातकों को फायदा नहीं मिला क्योंकि अरेबिका की कीमतें इस साल करीब 35-36 फीसदी लुढ़क गई हैं। पिछले साल दिसंबर में यह 250 सेंट प्रति पाउंड पर बिक रहा था जबकि इस साल जून में यह 160 सेंट प्रति पाउंड पर आ गया। इस गिरावट के चलते उत्पादक इस साल अपने उत्पाद के निर्यात में रुचि नहीं ले रहे थे।' भारत इटली, जर्मनी, रूसी संघ, बेल्जियम, स्लोवेनिया, स्पेन, मलयेशिया, अमेरिका और यूनान आदि देशों को कॉफी निर्यात करता है। भारत से होने वाले कुल निर्यात का करीब 27 फीसीद हिस्सा इटली जाता है। इसके बाद जर्मनी और रूसी संघ का स्थान है। भारत के 10 प्रमुख निर्यातकों में एनकेजी जयंती कॉफी प्राइवेट लिमिटेड, एलनसंस लिमिटेड, टाटा कॉफी और आईटीसी लिमिटेड शामिल हैं।
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