भाजपा विधानमंडल दल के उपनेता सतीश महाना ने यहां एक बयान में कहा कि प्रदेश में बढ़ते अपराध, अभूतपूर्व बिजली संकट, विकास कार्य ठप होने तथा अन्य समस्याओं की तरफ सरकार ध्यान नहीं दे रही है। सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं से जनता भयभीत है। ऐसे में विधानमंडल का सत्र बुलाया जाए, ताकि प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हो सके।
उन्होंने कहा कि गत मार्च में प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हर दो महीने पर विधानमंडल का सत्र आहूत करने तथा उसे लम्बे वक्त तक चलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया।
गौरतलब है कि मौजूदा अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल का पहला विधानमंडल सत्र पिछली मई-जून में आहूत किया गया था।