| भागलपुर पर टिकी निवेशकों की नजर | | सत्यव्रत मिश्र / July 27, 2012 | | | | |
भागलपुर अब उद्यमियों का प्यारा होता जा रहा है। इसीलिए खाद्य प्रसंस्करण से लेकर बिजली और सीमेंट तक कमोबेश सभी उद्योगों में निवेशक यहां खूब पैसा लगा रहे हैं। राज्य सरकार को भागलपुर का भविष्य चमकदार दिख रहा है। आइए, देखते हैं कि इस जिले में निवेशक किस क्षेत्र में रकम लगा रहे हैं।
सीमेंट बिहार सीमेंट उत्पादकों के आंखों का तारा बनता जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ साल में यहां सीमेंट की खपत खूब बढ़ी है। पिछले वित्त वर्ष में सीमेंट की खपत देश में केवल 7 फीसदी बढ़ी थी, लेकिन बिहार में आंकड़ा 14 फीसदी रहा था। इसलिए सीमेंट कंपनियां इस राज्य और खास तौर पर भालपुर में अड्डा जमाना चाहती हैं।
राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया, 'बिहार में सीमेंट कंपनियों की उत्सुकता काफी बढ़ी है। अंबुजा सीमेंट, बिड़ला सीमेंट, गोदरेज और श्री सीमेंट जैसी कंपनियों की तरफ से राज्य को निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। कई परियोजनाओं पर काम शुरू भी हो चुका है। अब तक इस क्षेत्र में 256 करोड़ रुपये का निवेश भी किया जा चुका है।' राज्य सरकार के अनुसार ज्यादातर कंपनियां भागलपुर के कहलगांव में इकाई लगाना चाहती हैं।
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया, 'यहां एनटीपीसी की उत्पादन इकाई से भारी मात्रा में फ्लाई ऐश निकलती है, जो सीमेंट उद्योग में कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल होती है। इसीलिए भागलपुर में सीमेंट कंपनियों की खासी रुचि है।' सरकारी सूत्रों के मुताबिक श्री सीमेंट कहलगांव में कारखाना लगा रही है। कारोबारी सूत्रों के मुताबिक अबुंजा सीमेंट ने भी राज्य में निवेश करने की इच्छा जताई है। यह कंपनी भी अपना कारखाना कहलगांव में स्थापित करना चाहती है।
बिजली
सरकारी सूत्रों के मुताबिक भागलपुर में बिजली क्षेत्र में निवेश के ढेरों प्रस्ताव आ रहे हैं। इनमें से कई पर निजी कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। भागलपुर के पास बांका जिले में तो एक बिजलीघर का काम लगभग पूरा हो गया है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया, 'हमारे पास बिजली क्षेत्र में लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें कई भागलपुर से संबंधित हैं। राज्य सरकार की भी भागलपुर के पीरपैंती में पीपीपी आधार पर परियोजना लगाने की योजना है।'
उन्होंने बताया, 'एक मामले में तो कंपनी ने अब तक 700 एकड़ जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया है और संयंत्र के लिए मशीनरी का ठेका भी दे दिया है। इस कंपनी को झारखंड के एक कोयला खादान से कोल लिंकेज भी मिल चुका है।'
खाद्य प्रसंस्करण
खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने में मिल रही कामयाबी को देखते हुए बिहार सरकार सरकार ने अब राज्य में मेगा फूड पार्कों की स्थापना पर जोर दे रही है। इस बाबत राज्य सरकार को भागलपुर में एक मेगा फूड पार्क को स्थापित करने की इजाजत भी मिल चुकी है।
राज्य सरकार के उद्योग विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया, 'इस फूड पार्क की स्थापना राज्य के भागलपुर जिले में कहलगांव इलाके में हो रही है। इसके विकास की जिम्मेदारी कोलकाता के केवेंटर ग्रुप को दी गई है। करीब 80-100 एकड़ भूमि में इस मेगा फूड पार्क का विकास किया जा रहा है, जिससे 20,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह समूह कई कंपनियों से बातचीत कर रहा है, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश होगा।' किशोर बियाणी की फ्यूचर वेंचर्स की भी इस परियोजना में हिस्सेदार है।
|