एकमुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क से मिलेंगे 73 हजार करोड़ रु
बीएस संवाददाता / मुंबई July 27, 2012
सभी प्रकार के स्पेक्ट्रम के लिए दूरसंचार कंपनियों से एकमुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क वसूले जाने से सरकार को 72,792 करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी हो
सकती है।
दूरसंचार सेवा प्रदाताओं में जीएसएम और सीडीएमए दोनों प्रकार की कंपनियां शामिल हैं। अखिल भारतीय संचालन के लिए 5 मेगाहट्र्ज के स्पेक्ट्रम के लिए 15,000 करोड़ रुपये की आरक्षित कीमत के अनुमान के आधार पर दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने इस राशि का आकलन किया है।
हाल ही में एकमुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क के मसले पर अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह के समक्ष दूरसंचार विभाग को दी गई प्रस्तुति के मुताबिक एकमुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क की वसूली किए जाने से सरकार के खाते में एक बार में 56,048 करोड़ रुपये आ जाएंगे जो कि इसे 145 जीएसएम स्पेक्ट्रम (सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों) लाइसेंस रखने वालों से प्राप्त होंगे। वहीं सीडीएमए के 64 लाइसेंसधारकों से सरकार को 16,744 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। यह दूरसंचार विभाग के मुहैया कराए गए विकल्पों के मुताबिक ही है। हालांकि एकमुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क की वसूली के मामले में ईजीओएम ने अपने निर्णय को थोड़े समय के लिए टाल दिया है। ईजीओएम ने इस मामले में राष्ट्रपति संदर्भ पर सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ का फैसला आने तक इंतजार करने का निर्णय लिया है।
एकमुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क का फैसला आनुपातिक आधार पर लिया जा सकता है। हालांकि यह स्पेक्ट्रम नीलामी की कीमत के मुताबिक बदल भी सकता है जिसे बाद में व्यवस्थित किया जाएगा।
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