| सरकार कुछ कृषि उत्पादों पर लगा सकती है प्रतिबंध | | भाषा / नई दिल्ली July 25, 2012 | | | | |
सरकार कीमत में भारी उतार-चढ़ाव के मद्देनजर कृषि उत्पादों के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगा सकती है। यह बात आज खाद्य मंत्री के वी थामस ने कही। फिलहाल उड़द, अरहर और चावल के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध है जबकि गेहूं, चीनी, सोया तेल, सरसों, सोयाबीन और कुछ अन्य उत्पादों में ऐसे कारोबार की मंजूरी है। देश में पांच राष्ट्रीय और 16 क्षेत्रीय जिंस वायादा एक्सचेंज हैं।
वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) इन एक्सचेंज का नियमन करता है। थामस ने कहा, 'हमने एफएमसी से कुछ कृषि उत्पादों के मूल्य में उतार-चढ़ाव पर नजर रखने और यह भी देखने के लिए कहा गया है कि कीमत में कोई गैर-जरूरी उतार-चढ़ाव न हो। जिन उत्पादों की कीमत में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखेगा उन्हें वायदा बाजार से बाहर कर दिया जाएगा।'
उन्होंने कहा कि एफएमसी के साथ मिलकर इस सप्ताह वायदा बाजार में मूल्य की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। आयोग पांच कृषि जिंसों - आलू, चना, सोयाबीन, सोया तेल और सरसों - की कीमतों की निगरानी पहले से कर रहा है। आयोग ने इस महीने की शुरूआत में एक्सचेंजों से सोयाबीन, सरसों, सोयाखली और हल्दी जैसे उत्पादों के कारोबार के लिए व्यवसायियों से ज्यादा राशि जमा करवाने के लिए कहा है।
बारिश कम होने के मद्देनजर देश के कुछ हिस्सों में आवश्यक जिंसों की कीमत बढ़ रही है। बारिश भारतीय कृषि के लिए महत्वपूर्ण है और इस साल अब तक देश में 22 फीसदी कम बारिश हुई है। कम बारिश के कारण चावल, दल और तिलहन जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है।
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