| संकट में स्पेन, बाजार बेचैन | | बीएस संवाददाता / मुंबई July 23, 2012 | | | | |
यूरोपीय देशों खासकर स्पेन में वित्तीय संकट गहराने और राहत पैकेज की मांग की आशंका बढऩे तथा ग्रीस के पैकेज की प्रतिबद्घता पूरी नहीं कर पाने के कारण वैश्विक स्तर पर शेयरों और जिंसों में बिकवाली का दबाव देखा गया।
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत के बीच घरेलू शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी गई और ये करीब एक माह के निचले स्तर पर पहुंच गए। सरकार की ओर से आर्थिक सुधारों को गति देने में आ रही कठिनाइयों के चलते भी बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स आज 281.09 अंक गिरकर 16,877.35 पर बंद हुआ, जो 25 मई के बाद का निम्नतम स्तर है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 87.15 अंक गिरकर 5,117.95 पर बंद हुआ। धातु, रियल एस्टेट और बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रुपया भी 1.2 फीसदी गिरकर 55.96 पर बंद हुआ, जो भारतीय मुद्रा का करीब एक माह का निचला स्तर है।
खबरों के मुताबिक स्पेन के करीब एक दर्जन क्षेत्र वित्तीय राहत की मांग कर सकते हैं, जिससे वित्तीय बाजार को झटका लगा है। डॉलर के मुकाबले यूरो भी करीब दो साल के निचले स्तर तक लुढ़क गया। प्रमुख एशियाई बाजारों में भी गिरावट हावी रही और लगभग सभी बाजार करीब 1 फीसदी गिरावट पर बंद हुए, वहीं शाम 5 बजे तक यूरोपीय बाजार करीब 2 फीसदी की गिरावट पर कारोबार कर रहे थे। यूरो क्षेत्र में कर्ज संकट की वजह से जिंस बाजार में भी गिरावट का रुख रहा और तांबा तीन हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया, वहीं कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल रह गई।
सीआईबीसी के मुद्रा रणनीतिकार जेरीमाई स्ट्रेच ने रॉयटर्स को बताया कि स्पेन के बैंक भी राहत पैकेज की मांग कर सकते हैं वहीं ग्रीस में भी स्थिति बेहतर नहीं है।
आईआईएफएल के शोध प्रमुख अमर अंबानी ने कहा, 'मौजूदा हालात से लगता है कि यूरो क्षेत्र में ताजा संकट खड़ा हो सकता है और चीन में भी मंदी की आशंका बढ़ रही है। भारत की बात करें तो यहां भी आर्थिक सुधारों को गति देने में सरकार को दिक्कत आ सकती है क्योंकि कई राजनीतिक दल सरकार के कदमों का विरोध कर रहे हैं।'
सिंगापुर में अपनी सहायक इकाई फ्लैग टेलीकॉम का प्रस्तावित आईपीओ टालने के चलते दूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेेशंस का शेयर आज करीब 3 फीसदी लुढ़क गया। कंपनी करीब 1 अरब डॉलर का आईपीओ लाने जा रही थी। संयुक्त प्रगतिशील सरकार की सहयोगी समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का विरोध किया है, जिसके चलते रिटेल कंपनियों- पैंटालून रिटेल, शॉपर्स स्टॉप और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज के सभी क्षेत्रीय सूचकांक गिरावट पर बंद हुए।
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