संपत्ति प्रबंधन कंपनियां बैंकों के ऐसे कर्ज को खरीद लेती हैं जिन्हें उनके कर्जदार लौटाने में अक्षम होते हैं। ये कंपनियों फिर अपने तरीके से उसकी वसूली करती हैं। आईसीआईसीआई बैंक ने कथित तौर पर ग्राहक द्वारा कर्ज नहीं लौटाने पर उसे ऐसी ही संपत्ति प्रबंध कंपनी :एआरसी: के सुपुर्द कर दिया।
केन्द्रीय जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने अपने फैसले में कहा कि यह बैंक की ड्यूटी बनती है कि वह दिल्ली निवासी मालोबिका बिश्वास को सूचित करे कि उनका रिण खाता एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी :इंडिया: लिमिटेड :आर्सिल: को हस्तांतरित कर दिया।
बी.बी. चौधरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा बैंक ने शिकायतकर्ता को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी और यही वजह है कि वह आर्सिल के साथ अपने रिण खाते का निपटान नहीं कर पाई। यह सेवा में त्रुटि का मामला बनता है।
पीठ ने आईसीआईसीआई बैंक को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को हुये मानसिक तनाव और परेशानी झेलने के मुआवजे के तौर पर 50,000 रुपये और फोरम में विवाद पर हुये खर्च की भरपाई के लिये 5,000 रुपये का भुगतान करे।
जारी भाषा