प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में जिन अन्य तीन समझौतों को मंजूरी दी गयी, उसका मकसद दोनों देशों के बीच बीच व्यापार बढ़ाना है।
वीजा समझौते पर भारत के विदेश मंत्री एस एम कृष्णा तथा गृह मंत्री रहमान मलिक ने आठ सितंबर को दस्तखत किये थे।
दस्तखत के लिये समझौता मई में ही तैयार हो गया था लेकिन मलिक के विरोध के कारण इस पर सितंबर में दस्तखत हो पाया। मलिक चाहते थे कि उनके भारतीय समकक्ष यहां आये और इस पर हस्ताक्षर करे।
समझौते में समूह सैलानी वीजा तथा श्रद्धालु वीजा के लिये नई श्रेणी रखी गयी है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, उद्योगपतियों तथा एक देश के नागरिक द्वारा दूसरे देश के नागरिक से शादी के मामले में वीजा नियमों में ढील दी गयी है।
इसके अलावा दोनों देशों के वाणिज्य सचिवों की दो दिवसीय वार्ता के बाद 21 सितंबर को तीन व्यापार समझौतों पर दस्तखत किये गये थे।
इसमें से एक समझौता सीमा शुल्क मामलों में सहयोग तथा द्विपक्षीय सहायता से संबद्ध है जबकि दूसरा व्यापार से संबद्ध शिकातयों के निपटान से जुड़ा है।
भारतीय मानक ब्यूरो तथा पाकिस्ताी मानक तथा गुणवत्ता नियंत्रण प्राधिकरण के बीच हुआ तीसरा समझौते का उद्देश्य दोनों देशों में मानकों की पुष्टि करने से जुड़ा है।
दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार तथा सहयोग को मजबूत बनाने के अन्य उपायों पर भी चर्चा कर रहे हैं। इसमें बैंक शाखाएं खोले जाना तथा सीमा पार निवेश जैसे मामले शामिल हैं।
दोनों देशों ने 2014 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर 6 अरब डालर करने का लक्ष्य रखा है।