| 4जी के लिए एयरसेल की जोरदार तैयारी | | सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली July 13, 2012 | | | | |
एयरसेल भी अब 4जी के मैदान में कूदने जा रही है। कंपनी का इरादा इस साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच यह सेवा शुरू करने का है जिसके लिए वह 50 करोड़ डॉलर (करीब 2,757 करोड़ रुपये) का निवेश कर रही है।
कंपनी के पास आठ सर्किलों में स्पेक्ट्रम लाइसेंस है और वह चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ शहरों से इस सेवा की शुरुआत करेगी। इस क्षेत्र में कंपनी की प्रतिस्पर्धा एयरटेल से होगी कि जो कि पहले ही कुछ शहरों में इस सेवा की शुरुआत कर चुकी है। इसके साथ ही रिलायंस इन्फोटेल भी मौजूदा वित्त वर्ष के अंत तक इस सेवा की पेशकश कर सकता है।
एयरसेल में अधिकांश हिस्सेदारी रखने वाली मलेशियाई कंपनी मैक्सिस बरहाद के मुख्य कार्याधिकारी संदीप दास ने बताया, 'हमारा ध्यान बड़ा डाटा कारोबार विकसित करने का है। हम 4जी के उपकरणों के लिए जल्द ही अनुबंधों की घोषणा करेंगे और इसे अक्टूबर से दिसंबर के बीच शुरु करेंगे। कंपनी इसके लिए 50 करोड़ डॉलर का निवेश कर रही है। हम 4जी सेवाओं की समेकित तौर पर पेशकश करेंगे।' दास ने कहा कि एयरसेल केवल डोंगल और डिवाइस के जरिये 4जी सेवाओं की आपूर्ति नहीं करेगी बल्कि यह ब्रॉडबैंड इंटरनेट, ब्रॉडकास्टिंग, वीडियो ऑन डिमांड, शिक्षा और स्वास्थय सेवाओं की घरेलू आपूर्ति करेगी। कंपनी पहले से ही फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क के लिए काम कर रही है जिसमें पट्टे से लेकर नए सिरे से निवेश करना भी शामिल है ताकि वह वायरलेस नेटवर्क के जरिये उपभोक्ताओं के घर तक पहुंच बना सके।
दास ने कहा कि कंपनी की योजना अखिल भारतीय स्तर पर 4जी सेवा प्रदाता बनने की नहीं है और न ही वह अधिग्रहण के बारे में सोच रही है बल्कि वह मौजूदा सर्किल में ही बड़ी कंपनी के तौर पर बनी रहेगी। जब उनसे यह पूछा गया कि 3जी की तरह ही 4जी की ऊंची दरों की वजह से उपभोक्ता इससे नहीं जुड़ पा रहे हैं तो उन्होंने कहा, 'हम पहले से ही 2जी और 3जी की दरों को एकसमान स्तर पर ला चुके हैं और हमारे पास 10 लाख उपभोक्ता हैं। चीन और भारत जैसे प्रमुख बाजार में जहां एलटीई की प्रधानता है, वहां हम डिवाइस की कीमतों में गिरावट देखेंगे।'
|