| टीसीएस का एच1बी वीजा पर जोर | | शिवानी शिंदे / मुंबई July 13, 2012 | | | | |
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाएं मुहैया कराने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने इस साल एच1-बी वीजा के लिए 5,900 आवेदन किए हैं, जबकि पिछले वर्ष इस तरह के वीजा के लिए कंपनी ने 4,500 आवेदन किए थे। कंपनी ने यह भी कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान वह 50,000 कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया में है।
टीसीएस के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं वैश्विक मानव संसाधन प्रमुख अजय मुखर्जी ने कहा, 'वीजा आवेदनों, खास तौर पर एल1 श्रेणी के वीजा के लिए किए गए आवेदनों को खारिज किए जाने की चुनौती बनी हुई है। अब भी लगभग आधे आवेदन खारिज कर दिए जाते हैं। इसलिए हमने अपना नजरिया बदल दिया है और अब एच1-बी वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं।' कंपनी ने पिछली तिमाही से अपनी वीजा रणनीति बदल डाली है।
वीजा के लिए आवेदन खारिज होना कई कंपनियों के लिए चुनौती बन गई है, लिहाजा वे एच1-बी वीजा के लिए आवेदन करने लगे हैं। इस श्रेणी के वीजा के लिए किए जाने वाले आवेदनों से यह चलन जाहिर होता है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाएं यानी यूएससीआईएस ने घोषणा की है कि एच1-बी वीजा बहुत तेजी से जारी किए जा रहे हैं।
वर्ष 2012-13 में केवल तीन महीनों के दौरान ही 85,000 वीजा की सीमा पूरी हो गई। पिछले तीन वर्षों में सीमा पूरी कर लेने की यह सबसे तेज गति है। इससे पहले 7 से 10 महीनों में भी इसकी सीमा पूरी नहीं हो पाती थी।
बहरहाल, मुखर्जी ने यह भी कहा कि इस वर्ष के अंत तक उनकी कंपनी अमेरिकी कैंपसों का दौरा शुरू करेगी। उन्होंने कहा, 'वित्त वर्ष 2013 की पहली तिमाही में हमने अमेरिका में तकरीबन 550 नियुक्तियां की हैं। हम कैंपसों का दौरा भी शुरू करेंगे। पिछले साल हमने 30 से ज्यादा विश्वविद्यालयों का दौरा किया था। इसके अलावा हमारे बिजनेस एसोसिएट्स की संख्या भी बढ़ी है।'
टीसीएस में 2,43,545 कर्मचारी हैं (30 जून, 2012 तक)। इस लिहाज से मुखर्जी और कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी एस महालिंगम का काम ज्यादा चुनौती भरा हो गया है। मुखर्जी ने कहा, 'हम इसे प्रबंधन संबंधी विरोधाभास कहते हैं। एक तरफ महालिंगम लागत नियंत्रित करना चाहते हैं, ताकि मार्जिन का स्तर बनाए रखा जा सके और दूसरी तरफ मुझे कर्मचारियों की उम्मीदों का खयाल रखना पड़ता है। इसके साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना पड़ता है कि टीम लीडर को आपूर्ति से संबंधित कोई दिक्कत न आए।'
कंपनी की बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग (बीपीओ) इकाई में 45,000 कर्मचारी हैं, इसलिए टीसीएस केवल जरूरत के समय कर्मचारियों की बहाली पर निर्भर रहती है। कंपनी को एक हद तक विज्ञान की पृष्ठभूमि वाले छात्रों की जरूरत होती है।
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