| महीने भर में 15 फीसदी उछल गया मक्का | | रामवीर सिंह गुर्जर / नई दिल्ली July 13, 2012 | | | | |
मक्का उत्पादक क्षेत्रों में बारिश कम होने से इसके भाव चढऩे लगे हैं। अमेरिकी कृषि विभाग ने उत्पादन घटने की आशंका जताई है, जिसके बाद देसी बाजार में इसी महीने इसकी कीमत 15 फीसदी उछल चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर भी इस पर पड़ रहा है क्योंकि सस्ता होने के कारण इसका निर्यात लगातार बढ़ रहा है।
चालू खरीफ सत्र में 13 जुलाई तक 21.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का बोया जा चुका है। पिछले साल समान 13 जुलाई तक 31.38 लाख हेक्टेयर पर बुआई हो चुकी थी। कर्नाटक में इसकी बुआई का रकबा 6.63 लाख से घटकर 3.39 लाख हेक्टेयर रह गया है, जबकि राजस्थान में यह 7.63 लाख से गिरकर महज 1.16 लाख हेक्टेयर और उत्तर प्रदेश में 5.27 लाख के बजाय 4.06 लाख हेक्टेयर ही रह गया है। दिल्ली के मक्का कारोबारी राजेश अग्रवाल के मुताबिक कम बारिश में मक्का की बुआई घटने से इसके दाम 200 रुपये चढ़कर 1,300 रुपये प्रति क्विंटल हो चुके हैं। नैशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव एक्सचेंज पर भी मक्का का अगस्त अनुबंध आज 4 फीसदी ऊपरी सर्किट के साथ 1,462 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
कमोडिटीइनसाइटडॉटकॉम के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक प्रशांत कपूर को लगता है कि निर्यात मांग बढऩे से कीमतें चढ़ रही हैं। अमेरिकी अनाज परिषद के अनुसार भारत से 260-270 डॉलर प्रति टन पर मक्का निर्यात हो रहा है, जो बाकी निर्यातक देशों से 50 डॉलर कम है। ऐसे में पिछले विपणन वर्ष के 33.50 लाख टन की अपेक्षा ज्यादा मक्का निर्यात हो सकता है। चालू वर्ष में अभी तक 30 लाख टन मक्का निर्यात हो चुका है।
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