| फल उत्पादन में अव्वल होगा बिहार | | बीएस संवाददाता / पटना July 09, 2012 | | | | |
उद्योगों और कृषि के विकास के लिए प्रयास कर रही बिहार सरकार अब फलों के उत्पादन पर भी खास ध्यान दे रही है। सरकार ने एक विशेष योजना बनाई है, जिसके तहत बाग-बगीचों की उत्पादकता बढ़ाई जाएगी और फलों के प्रसंस्करण की सुविधा में भी इजाफा किया जाएगा।
राज्य के विकास आयुक्त अशोक कुमार सिन्हा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'हम बिहार में कृषि के हरेक पहलू पर ध्यान दे रहे हैं। किसानों को नई तकनीक और उन्नत बीज तो दिए ही जा रहे हैं, खाद्यान्न से अलग कृषि उत्पादों में भी इजाफे की भी हमारी योजना है।'
उन्होंने बताया कि फल उत्पादन में बिहार का देश में तीसरा स्थान है और इसे लगातार बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसलिए बाग-बगीचों की उत्पादकता बढ़ाने के वास्ते महत्त्वाकांक्षी योजना बनाई गई है। बिहार में ज्यादातर आम, लीची, अमरूद और केला होता है। पिछले साल यहां 40 लाख टन फलों का उत्पादन हुआ था। सिन्हा ने बताया, 'हमने बाग-बगीचों में नई कृषि विधि अपनाने का फैसला लिया है, जिससे उत्पादन दोगुना हो सकता है। इसमें करीब 100 करोड़ रुपये के खर्च से किसानों को संकर बीज दिए जाएंगे और नई तकनीकों के बारे में बताया जाएगा।'
सरकार ने बाग मालिकों को बाजार तक आसानी से पहुंचाने और फलों के प्रसंस्करण पर जोर देने का भी फैसला किया है। विकास आयुक्त ने बताया, 'हमारे कुल उत्पादन का 30 फीसदी हिस्सा प्रसंस्करण के अभाव में बर्बाद हो जाता है। हम अगले पांच साल में बर्बादी को घटाकर महज 5 फीसदी पर लाना चाहते हैं। इसीलिए बिहार में चार मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे और गांवों में सड़कें दुरुस्त की जाएंगी ताकि किसान समय पर अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचा सकें। उन्नत किस्म की फसलें उगाने से भी बर्बादी कम हो जाएगी।'
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