| 3जी रोमिंग पर बंटा पंचाट | | बीएस संवाददाता / नई दिल्ली/मुंबई July 03, 2012 | | | | |
दूरसंचार विवाद निपटान अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट) के दो सदस्यीय पीठ ने आज दूरसंचार कंपनियों के बीच होने वाले 3जी सेवा रोमिंग करार पर अलग अलग आदेश सुनाया है। दरअसल जिन सर्किलों में कंपनियों के पास स्पेक्ट्रम नहीं है, वे उस सर्किल में स्पेक्ट्रम प्राप्त कंपनी के साथ रोमिंग करार कर 3जी सेवाएं मुहैया कराती हैं। सदस्य पी के रस्तोगी ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों (एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर) को 2जी लाइसेंस के दम पर 3जी रोमिंग की सुविधा देने की अनुमति नहीं है।
हालांकि चेयरमैन न्यायाधीश एस बी सिन्हा ने दूरसंचार विभाग को पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करने का आदेश दिया। सिन्हा ने कहा कि विभाग ने सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया है और कंपनियों को उनका पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया है, जो प्राकृतिक कानून का उल्लंघन है।
दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने उन सर्किलों में 3जी रोमिंग सेवाएं मुहैया कराने के लिए करार किया है, जहां वे 2010 में हुई नीलामी के दौरान 3जी लाइसेंस नहीं हासिल कर सकी थीं।
दिसंबर 2011 में दूरसंचार विभाग ने उनके इस करार को अवैध बताते हुए उन्हें उनके सर्किलों के इतर 3जी सेवाएं देने से मना किया था। कंपनियों ने विभाग के इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।
वकीलों का कहना है कि क्योंकि दोनों न्यायाधीशों के बीच सहमति नहीं है इसलिए यथास्थिति बरकरार रहेगी। पिछले साल दिसंबर में न्यायाधिकरण ने आदेश दिया था कि जब तक इस मामले में फैसला नहीं हो जाता तब तक विभाग कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके मुताबिक फिलहाल तीनों कंपनियां 3जी सेवाएं मुहैया करा सकती हैं लेकिन नए सर्किल में प्रवेश नहीं कर सकती हैं। वकीलों का कहना है कि कंपनियों के पास न्यायाधीश पी के रस्तोगी के फैसले के खिलाफ अब उच्चतम न्यायालय जाने का विकल्प है। जबकि सरकार के पास कंपनियों को नए कारण बताओ नोटिस जारी करने या चेयरमैन एस बी सिन्हा के आदेश को चुनौती देने का विकल्प है। जब इस बारे में भारती एयरटेल और आइडिया सेल्युलर से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मामला अभी विचाराधीन है इसलिए हम इस पर कुछ नहीं कहेंगे।
हालांकि कंपनियों ने अभी अपने अगले कदम पर कोई फैसला नहीं किया है। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने कहा, 'यह बंटा हुआ फैसला है लेकिन हम इससे दुखी हैं। हम अंतर सर्किल रोमिंग पर आखिरी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। चेयरमैन ने इस मसले को दोबारा विभाग के पास भेज दिया है। अब विभाग के पास दोबारा जवाब देने के लिए 90 दिन का समय है। हम 90 दिन तक इंतजार करेंगे और उसके बाद उच्चतम न्यायालय जाएंगे।'
टीडीसैट के इस फैसले को बाजार की अच्छी प्रतिक्रिया मिली। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर भारती एयरटेल का शेयर 3.1 फीसदी तेजी के साथ 319.50 रुपये और आइडिया सेल्युलर के शेयर 5.41 फीसदी चढ़कर 81.90 रुपये पर बंद हुआ। ऐंजल ब्रोकिंग की अंकिता सोमानी ने कहा, 'अगर रोमिंग करार रद्द हुआ, तो कंपनियों के बहीखाते पर इसका काफी असर पड़ेगा।' अन्स्र्ट ऐंड यंग के पार्टनर प्रशांत सिंघल ने कहा, 'इससे क्षेत्र पर अनिश्चितता बढ़ गई है। लेकिन पीठ द्वारा कंपनियों के खिलाफ फैसला नहीं आना सकारात्मक संकेत है।'
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