स्टोरों की संख्या बढ़ाने को लेकर अति संकीर्ण रवैया रखने वाली टाटा की खुदरा कंपनी ट्रेंट अब इस स्थापित मान्यता को बदलने जा रही है। विस्तार की संकीर्ण रणनीति को लेकर ट्रेंट की हमेशा से आलोचना होती रही है। ट्रेंट ने अपना पहला वेस्टसाइड डिपार्टमेंट स्टोर वर्ष 1998 में स्थापित किया था और संचालन के पहले 13 सालों के दौरान कंपनी ने करीब 60 स्टोर ही खोले। हालांकि अब कंपनी मौजूदा वित्त वर्ष में 24 नए स्टोर को स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है जो मौजूदा स्टोर की कुल संख्या की दो तिहाई है।
कंपनी ने पिछले 13 सालों के दौरान औसतन 4 स्टोर खोले। शॉपर्स स्टॉप जैसी अन्य खुदरा कंपनियां भी विस्तार को लेकर काफी आगे है। लेकिन ट्रेंट इस दौड़ में सबसे आगे खड़ी दिखाई पड़ती है। शॉपर्स स्टॉप को जहां 25 डिपार्टमेंट स्टोर खोलने में 18 सालों का वक्त लगा वहीं इसने पिछले तीन सालों के दौरान 26 स्टोर स्थापित किए और इसमें से 13 स्टोर तो केवल पिछले वित्त वर्ष के दौरान ही लगाए गए। शॉपर्स स्टॉप विस्तार की रणनीति पर काफी तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने अगले तीन सालों के दौरान 300 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 24 डिपार्टमेंट स्टोर खोलने की योजना बनाई है यानी प्रति वर्ष 8 स्टोर स्थापित करने का लक्ष्य।
ट्रेंट ने वेस्टसाइड के लिए 100 स्टोर और अपने हाइपरमार्के ट चेन स्टार बाजार के लिए अगले चार सालों के दौरान 50 स्टोर खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। फिलहाल स्टार बाजार के पास 15 स्टोर हैं। विस्तार की इस आक्रामक रणनीति से कंपनी को अगले 2 से 3 सालों के दौरान 5,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान 1,844 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। मौजूदा वर्ष में मार्च महीने में कंपनी ने विस्तार के लिए 250 करोड़ रुपये जुटाए थे। ई मेल के जरिये कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'वेस्टसाइड बैनर को इसके लक्षित उपभोक्ता वर्ग से मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है और हम अपनी उपस्थिति बढ़ाने को इच्छुक है और यह रिटेल के लिए उपलब्ध स्थान और अनुमानित आर्थिक व्यावहारिकता पर निर्भर करेगा। पाइपलाइन में नए स्टोर को देखते हुए हम 85 से 90 स्टोर के संचालन के साथ मौजूदा वित्त वर्ष को पूरा करेंगे।' जबकि आक्रामक तरीके से विस्तार करते हुए ट्रेंट स्टोर के क्षेत्रफल में इजाफा किए जाने की रणनीति पर सतर्कतापूर्वक काम कर रही है। कंपनी मॉल में सुपर बिल्ट शुल्क और कॉमन एरिया मेंटनेंस शुल्क जैसे भारी भरकम खर्च को ध्यान में रखते हुए इस पर काम कर रही है। मॉल में जहां इसके लिए 40 रुपये प्रति वर्ग फुट का भुगतान करना पड़ता है वहीं डिपार्टमेंट स्टोर में यह लागत 10 से 12 रुपये प्रति वर्ग फुट आती है। सूत्रों ने बताया कि कई मॉल ऐसी जगह पर बने होते हैं जो कि खरीदारी के लिहाज से सुलभ नहीं होते हैं।
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