| अब इंटरनेट से भरे जाएंगे टैक्स | | बीएस संवाददाता / पटना July 03, 2012 | | | | |
बिहार में अब कारोबारियों को करों के भुगतान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। कारोबारी अब वाणिज्य करों से संबंधित सभी फॉर्म (प्रपत्र) इंटरनेट के माध्यम से ही हासिल कर पाएंगे। राज्य सरकार के मुताबिक इससे करों की चोरी रोकने में उसे काफी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को यह फैसला लिया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के कैबिनेट सचिव रविकांत ने बताया, 'राज्य सरकार ने अपने प्रावधानों में बदलाव को मंजूरी दे दी है, जिसके जरिये राज्य के कारोबारी अब वैट और केंद्रीय बिक्री कर से जुड़े सभी फॉर्म इंटरनेट के माध्यम से हासिल कर पाएंगे। इसके लिए उन्हें वणिज्य कर विभाग की वेबसाइट पर अपने निबंधन संख्या के साथ पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद उन्हें एक यूनिक आईडी नंबर मिलेगा, जिसे डालते ही उन्हें सारी जरूरी फॉर्म वेबसाइट पर ही मिल पाएंगे। इसके लिए उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।'
रविकांत ने बताया, 'यह राज्य सरकार के लिए काफी अहम कदम है। इससे कारोबारियों को माल के परिवहन से जुड़े सारे फॉर्म (डी-7, डी-8, डी-9 और डी-10) तुरंत हासिल हो जाएंगे। साथ ही, वे अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों (सी, एफ, ई1, ई2 और एच और आई फॉर्म) को भी तुरंत इंटरनेट से हासिल कर सकते हैं। साथ ही, राज्य सरकार को भी सत्यापन करने में आसानी होगी।'
रविकांत ने बताया, 'इसके लिए राज्य सरकार ने एक एकीकृत व्यवस्था का निर्माण किया है। इसके जरिये राज्य के किसी भी कोने से वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी तुरंत कारोबारियों के फॉर्म देख सकेंगे। साथ ही, इसका सत्यापन भी आसानी से हो पाएगा, जिससे कारोबारियों को बेवजह इंतजार नहीं करना होगा।' साथ ही, राज्य सरकार को इस व्यवस्था के माध्यम से कर चोरी को रोकने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट सचिव ने बताया, 'इससे राज्य सरकार के अधिकारी सारे फॉर्मों का सत्यापन तुरंत कर सकेंगे, जिससे कर चोरी को रोकने में हमें काफी मदद मिलेगी।'
दूसरी तरफ, राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं को संघ व राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए मुफ्त में कोचिंग देने का भी फैसला लिया है। इसके लिए मौलाना मजरुलहक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी बनाया गया, जो कोचिंग के लिए छात्र-छात्राओं का चयन करेगी और उन्हें कोङ्क्षचग देगी।
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