| सेसा-स्टरलाइट के गठजोड़ से मिलेगी ताकत | | मोटा निवेश | | | उज्ज्वल जौहरी / July 01, 2012 | | | | |
पिछले सोमवार को शेयरधारकों द्वारा संयुक्त कंपनी के निर्माण को मंजूरी दिए जाने के बाद सेसा-स्टरलाइट की विलय प्रक्रिया ने एक और बाधा को पार कर लिया। कुछ अनिश्चितता बरकरार थी, क्योंकि कुछ शेयरधारकों द्वारा आपत्ति जताए जाने की वजह से वेदांत द्वारा 2008 में पहली पुनर्गठन पहल विफल रही थी। उस समय चिंता कोनकोला कॉपर माइन्स (केसीएम) के मूल्यांकन से जुड़ी हुई थी, जो इस बार विलय वाली इकाई का हिस्सा नहीं है।
हालांकि सेसा गोवा के लिए लौह अयस्क व्यवसाय के लिए परिदृश्य कमजोर बना हुआ है, लेकिन विश्लेषक संयुक्त इकाई के मूल्यांकन और विविध व्यवसायों - लौह, अलौह, तेल एवं गैस में मौजूदगी की वजह से शेयर में मजबूती देख रहे हैं। स्टरलाइट के लिए, हालांकि इसकी मौजूदा शेयर कीमत से पता चलता है कि स्वैप रेशियो अनुकूल है, लेकिन अधिक महत्त्वपूर्ण है नई क्षमताओं का शुरू होना जिससे वित्त वर्ष 2013 में इसके प्रदर्शन को मजबूती मिलेगी।
सेसा गोवा
कर्नाटक में लौह अयस्क पर प्रतिबंध बरकरार रहने से सेसा गोवा को लगातार कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि राज्य में उसके पास लगभग 60 लाख टन प्रति वर्ष की खनन क्षमता है। गोवा में कंपनी 1.5 करोड़ टन प्रति वर्ष की क्षमता से लैस है और वहां लॉजिस्टिक समस्या बरकरार है। साथ ही गोवा खनन भी जांच के दायरे में है। कीमतों को लेकर भी दबाव है। लौह अयस्क व्यवसाय के लिए परिदृश्य कमजोर बना हुआ है।
निर्मल बांग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के गिरिराज डागा कहते हैं कि सेसा के प्रबंधन ने भी अपनी सालाना रिपोर्ट में लौह अयस्क व्यवसाय पर सतर्क रख अपनाया है। हालांकि संयुक्त कंपनी के मूल्यांकन (मूल्यांकन का बड़ा हिस्सा केयर्न इंडिया और हिंदुस्तान जिंक से संबद्घ है) को देखते हुए और 230 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ्थ प्रबंधन ने इस शेयर को 'खरीदारी' रेटिंग दी है जो पूर्व के 241 रुपये के कीमत लक्ष्य से कुछ कम है। ब्लूमबर्ग के आंकडे के अनुसार 41 विश्लेषकों में से 20 ने इस शेयर (213 रुपये के अनुमानित कीमत लक्ष्य) को 'खरीदारीÓ रेटिंग, 14 ने 'बनाए रखेंÓ और सिर्फ 7 ने 'बिकवाली' रेटिंग दी है।
स्टरलाइट इंडस्ट्रीज
स्टरलाइट के प्रत्येक पांच शेयरों के लिए 5:3 के स्वैप अनुपात के तहत शेयरधारकों को सेसा स्टरलाइट के तीन शेयर मिलेंगे। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज का व्यावसायिक परिदृश्य मजबूत है। तांता व्यवसाय के लिए भी परिदृश्य अच्छा है, क्योंकि लाभप्रदता ट्रीटमेंट एवं रिफाइनिंग चार्जेस (टीसीआरसी) पर निर्भर करती है। मार्च तिमाही के दौरान कंपनी के राजस्व में तांबा का योगदान 46 फीसदी रहा।
मार्च तिमाही में कंपनी के राजस्व में 37.7 फीसदी योगदान देने वाला जस्ता एवं सीसा मुनाफे वाला प्रमुख सेगमेंट है और मार्च तिमाही के एबिटा में इसका योगदान 59 फीसदी का रहा। हालांकि वैश्विक कीमतें घटी हैं, लेकिन परिदृश्य मजबूत बना हुआ है, क्योंकि जस्ता और सीसा खनन क्षमता 10 फीसदी तक बढ़ कर 1.064 एमटीपीए पर पहुंच गई है जिससे इन धातुओं का कारोबार बढऩे में मदद मिलनी चाहिए। दिसंबर 2011 की तिमाही में शुरू हुई 350 टन सालाना की क्षमता वाली सिल्वर रिफाइनरी से कुल क्षमता वित्त वर्ष 2013 में तीन गुना बढ़ कर 530 टन प्रति वर्ष हो जाएगी।
एल्युमीनियम सेगमेंट की कुल राजस्व में महज 8 फीसदी की भागीदारी रही है जो कमजोर कीमतों को देखते हुए चिंताजनक है। इसके अलावा बालको का 1200 मेगावॉट क्षमता का विद्युत संयंत्र जल्द ही शुरू हो जाएगी और विश्लेषक कोयला आपूर्ति को लेकर चिंतित बने हुए हैं।
ज्यादातर विश्लेषक इस शेयर पर सकारात्मक बने हुए हैं। एलारा कैपिटल के रवीन्द्र देशपांडे कहते हैं कि मौजूदा स्तरों पर यह शेयर आकर्षक मूल्यांकन पर कारोबार कर रहा है। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने मार्च तिमाही के परिणाम के बाद अपनी रिपोर्ट में 143 रुपये का कीमत लक्ष्य निर्धारित किया है।
सेसा-स्टरलाइट
वेदांत समूह को वर्ष 2012 के अंत तक संयुक्त कंपनी सेसा स्टरलाइट का गठन पूरा हो जाने की संभावना है जिसमें सेसा गोवा, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, मद्रास एल्युमीनियम, स्टरलाइट एनर्जी और वेदांत एल्युमीनियम शामिल हैं। केयर्न इंडिया में सेसा गोवा की 20.1 फीसदी की हिस्सेदारी है जिससे सेसा स्टरलाइट की केयर्न में 58.9 फीसदी की नियंत्रण हिस्सेदारी हो जाएगी।
गिरिराज का कहना है कि हालांकि सेसा स्टरलाइट पर 14 अरब डॉलर का कुल कर्ज होगा। संयुक्त नकदी प्रवाह इस ऋण की अदायगी और दीर्घावधि में इसे घटाए जाने के लिए पर्याप्त होगा। मूल्यांकन के संदर्भ में मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि विलय वाली कंपनी सेसा-स्टरलाइट वित्त वर्ष 2013 की अनुमानित ईपीएस के 4.6 गुना और वित्त वर्ष 2013 की अनुमानित एबिटा के 4.4 गुना की उद्यम वैल्यू पर कारोबार कर रही है।
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