| मप्र में वाहन उद्योग को पैकेज देने की हो रही तैयारी | | आनन्द जाट / भोपाल June 24, 2012 | | | | |
मध्य प्रदेश में निवेश करने वाले उद्यमियों को राज्य सरकार अलग-अलग प्रकार की सहूलियत देने की तैयारी कर रही है। दरअसल, राज्य सरकार वाहन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक ऐसा पैकेज तैयार करने पर विचार कर रही है। जिसमें निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को उनकी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग प्रकार की सहूलियत और रियायतें दी जा सकेंगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसमें कर छूट और राज्य सरकार की तरफ से लिए जा रहे विद्युत शुल्क आदि से जुड़ी राहतें शामिल हैं। फिलहाल, राज्य में एक ही उद्योग संवर्धन नीति है जिसमें सभी उद्योगों के लिए समान नियम बनाएं गए हैं। मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा से लौटने के बाद इस संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकता है।
वाहन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विचाराधीन नए प्रावधानों में उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना का 100 फीसदी लाभ अगले 20 सालों तक देने, कच्चे माल पर 15 सालों के लिए प्रवेश कर से छूट की सुविधा, इनपुट टैक्स के्रडिट का लाभ, उत्पादन शुरू होने की दिनांक से 4 फीसदी की दर से लिए जाने वाले मूल्य वर्धित कर(वैट) को अमान्य करने और अन्य राज्यों मे स्टॉक ट्रांसफर की दशा में इनपुट टैक्स रिबेट का लाभ औद्योगिक इकाईयों को देने जैसे प्रावधान प्रमुख है।
मध्य प्रदेश ट्रेड ऐंड इन्वेस्टमेंट फेसीलिटेशन सेंटर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'देश के सभी राज्यों में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की कंपनियों को अपने राज्य में निवेश के लिए बुलाने की होड़ मची हुई है। इसीलिए अधिक से अधिक रियायतें देकर ऑटो कंपनियों को अपने यहां लाने की कोशिश की जा रही है।'
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में ऑटोमोबाइल इकाइयां बड़ी संख्या में स्थापित है। फिर भी राज्य सरकार नए निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए उद्योग नीति में नए प्रावधान जोडऩे पर विचार कर रही है। इन प्रावधानों का असर देखने के लिए फोर्स मोटर्स लिमिटेड के ऐसे ही प्रस्ताव को शीर्ष स्तरीय समिति ने मंजूरी दी है।
अधिकारी ने कहा, ' शीर्ष स्तरीय समिति ने उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना का 100 फीसदी लाभ अगले 20 सालों तक देने, कच्चे माल पर 15 सालों के लिए प्रवेश कर से छूट की सुविधा, इनपुट टैक्स के्रडिट का लाभ, उत्पादन शुरू होने की दिनांक से 4 फीसदी की दर से लिए जाने वाले मूल्य वर्धित कर(वैट) को अमान्य करने और अन्य राज्यों मे स्टॉक ट्रांसफर की दशा में इनपुट टैक्स रिबेट का लाभ देने के कंपनी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। साथ ही कंपनी को विद्युत शुल्क से 20 सालों के लिए छूट दी गई है।'
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