संप्रग सरकार के नए मंत्रिमंडल में युवा और अनुभवी नेताओं को शामिल किए जाने पर उद्योग जगत ने खुशी जाहिर करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे बिजली जैसे महत्वपूर्ण ढांचागत क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलेगी।
इसके अलावा, कमलनाथ जैसे अनुभवी नेता को संसदीय कार्य मंत्रालय दिए जाने से संसद की कार्यवाही निर्बाध रूप से चल सकेगी और प्रमुख आर्थिक सुधारों को लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।
फिक्की के अध्यक्ष आर.वी. कनोडि़या ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि बिजली और कंपनी मामलात जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय युवा मंत्रियों को दिए जा रहे हैं।
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, मंत्रिमंडल में नए चेहरों को देखकर खुशी हो रही है। यह युवा एवं अनुभवी नेताओं के बीच अच्छा संतुलन है।
उद्योग मंडल एसोचैम के महासचिव डी.एस. रावत ने कहा, संसद में सदन की कार्यवाही के प्रबंधन के लिए वरिष्ठ मंत्री कमलनाथ को शामिल किए जाने से कई लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में मदद मिलेगी। यह निश्चित तौर पर स्वागत योग्य कदम है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया को बिजली मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है, जबकि सचिन पायलट को कंपनी मामलों का मंत्री :स्वतंत्र प्रभार: बनाया गया है।
सिंधिया ने अपनी आरंभिक प्रतिक्रिया में कहा कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करने की होगी कि सरकार और निजी कंपनियां देश की प्रगति के साझा लक्ष्य के लिए मिलकर काम करें।