Advertisement
मई में EV बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, 45% उछाल से पहली बार 11% के पार पहुंची बाजार हिस्सेदारीTCS चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का बड़ा बयान: 3 साल में कर्मचारियों के बराबर होंगे AI एजेंटवाहन निर्माताओं का नीति आयोग को जवाब- पुराने वाहन कहां हैं, पता नहींEditorial: हादसों के पीछे छिपे भ्रष्टाचार और लापरवाह शहरी शासन की कहानीशास्त्री भवन को अलविदा: सत्ता के गलियारों की अनगिनत गाथाएं समेटे, खुले और जनसुलभ शासन की पहचानक्या तेल संकट के दौर में भारत की महंगाई नियंत्रण नीति जरूरत से ज्यादा सख्त है?रुपये की जोरदार वापसी, कच्चे तेल में गिरावट और RBI के कदमों से मिला सहाराखुदरा निवेशकों का उत्साह पड़ा फीका, लगातार तीसरे महीने धीमी रही नए डीमैट खाते खुलने की रफ्तारAI जुनून का चरम है स्पेसएक्स का आईपीओ, जेफरीज के क्रिस्टोफर वुड ने जताई बड़ी आशंकापैसिव फंड्स पर सेबी की सख्ती! ETF और इंडेक्स फंड्स के लिए भी आ सकता है 50% ओवरलैप नियम
अन्य समाचार ऐसी मानसिकता विकसित करें जो आलोचना का स्वागत करे: राष्ट्रपति
'

ऐसी मानसिकता विकसित करें जो आलोचना का स्वागत करे: राष्ट्रपति

PTI

- October,30 2012 10:36 AM IST

कार्टूनिस्टों के हाथों में समाज का दर्पण होने की बात करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज सुझाव दिया कि देश को नेहरू युग में लौटना चाहिए और ऐसी मानसिकता विकसित करनी चाहिए जिसमें आलोचना को भी जगह मिले ।

दिवंगत कार्टूनिस्ट पी.के.एस कुट्टी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, कार्टूनिस्टों के हाथ में हमारे सार्वजनिक जीवन का दर्पण होता है जो हमें अपने आप को एक राष्ट्र के तौर पर देखने में मदद करता है ।

राष्ट्रपति ने कहा, एक राष्ट्र के तौर पर हमें निश्चित तौर पर नेहरू युग में लौटना चाहिए और ऐसी मानसिकता विकसित करनी चाहिए जो आलोचना का भी स्वागत करे और जहां टिप्पणियां तो स्वतंत्र हों लेकिन तथ्यों को भी उचित स्थान मिले ।

जानेमाने कार्टूनिस्ट कुट्टी का निधन पिछले साल 22 अक्तूबर को अमेरिका में हो गया था । वह 90 वर्ष के थे ।

कुट्टी के बारे में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के आधुनिक सांस्कृतिक एवं राजनीतिक इतिहास में उनका अहम योगदान रहा है । मुखर्जी ने कहा, कुट्टी केरल से आए थे । दिल्ली में रहे और बंगाली अखबारों के लिए कार्टून बनाया । लिहाजा कुट्टी सही मायने में भारतीय थे ।

भाषा

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement