नीतिगत अक्षमता के आरोपों से जूझ रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार किया और उम्मीद जाहिर की कि उनकी नयी टीम आसन्न चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगी।
राष्ट्रपति भवन में नये मंत्रियों के शपथ लेने के बाद सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि यह युवा, अनुभव और योग्यता का मिश्रण है । सिंह से पूछा गया था कि मंत्रिपरिषद के विस्तार के माध्यम से वह क्या संदेश देना चाहते हैं।
सरकार की आगे की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा, आगे का मार्ग चुनौतियों से भरा हुआ है। लेकिन यह ऐसी टीम है जिसे मैं समझता हूं कि इन चुनौतियों का मुकाबला करने में सफल होगी।
उन्होंने कहा, मैं जल्द चुनावों की संंभावना नहीं देखता । चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे ।
यह पूछने पर कि क्या यह आखिरी मंत्रिमंडलीय फेरबदल है, उन्होंने कहा, उम्मीद है कि यह अंतिम फेरबदल है ।
राहुल गांधी के बारे में सिंह ने कहा कि उनकी हमेशा से ख्वाहिश रही है कि वह सरकार में शामिल हों लेकिन कांग्रेस महासचिव पार्टी को मजबूत करना चाहते हैैं ।
कुछ लोगों को कैबिनेट से हटाये जाने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि पार्टी को इनकी सेवाओं की जरूरत थी।
उन्होंने कहा, पार्टी को भी मजबूत बनाये जाने की जरूरत है। पार्टी को मजबूत बनाने के लिए अनुभवी लोगों की समान जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी को भी मजबूती के लिए अनुभवी लोग चाहिए ।