| इस्पात आयात में 69 प्रतिशत इजाफा | | भाषा / नई दिल्ली June 19, 2012 | | | | |
देश का इस्पात का आयात चालू वित्त वर्ष के पहले दो माह (अप्रैल-मई) के दौरान 69 फीसदी बढ़कर 15.28 लाख टन रहा है। वाहन, टिकाऊ उपभोक्ता सामान और विनिर्माण क्षेत्र की मजबूत मांग से इस्पात का आयात बढ़ा है। संयुक्त संयंत्र समिति (जेपीसी) ने हाल में इस्पात मंत्रालय को भेजे नोट में कहा है, 'घरेलू स्तर पर रफ्तार सुस्त होने के बावजूद अंतिम इस्तेमालकर्ता बाजार मसलन मोटर वाहन, परिवहन उपकरण, मूल सामान, टिकाऊ उपभोक्ता सामान और विनिर्माण क्षेत्र की मजबूत मांग बनी हुई है।'
इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में देश का इस्पात आयात 90.7 लाख टन रहा था। वल्र्ड स्टील एसोसिएशन के अनुसार, 2011 में कुल आयात 82 लाख टन रहा था। जेपीसी ने कहा है कि मौजूदा समय में आपूर्ति की धीमी रफ्तार की वजह और इन क्षेत्रों की मजबूत मांग से इस्पात का आयात बढ़ रहा है।
देश के इस्पात आयात में चीन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 30 फीसदी की है। इसके बाद दक्षिण कोरिया का नंबर आता है, जिसकी हिस्सेदारी 19 प्रतिशत है। जापान की देश के इस्पात आयात में हिस्सेदारी 14 फीसदी है। यूक्रेन और बेल्जियम भारत को इस्पात का निर्यात करने वाले अन्य प्रमुख देशों में हैं।
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