| बीपीसीएल: ईऐंडपी पोर्टफोलियो से मिलेगी ताकत | | शीतल अग्रवाल / June 17, 2012 | | | | |
भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) का शेयर 16 मई को 768.40 रुपये की अपनी 52 सप्ताह की ऊंचाई को छूने के बाद कुछ उत्पादों के मूल्य निर्धारण से जुड़ी अनिश्चितता और पेट्रोल कीमतों में की गई बढ़ोतरी की वापसी की खबरों की वजह से दबाव में आ गया है। तब से यह शेयर हाल ही में पेट्रोल कीमतों में वृद्घि के बाद दर्ज की गई तेजी गंवा चुका है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि संबद्घ उत्पादों (डीजल, एलपीजी और केरोसिन) के दाम में 10-15 फीसदी की वृद्घि समय की जरूरत है। इसके अलावा सरकार की सब्सिडी हासिल होने में अंतराल को देखते हुए भी बीपीसीएल को ऊंचे ब्याज बोझ को लगातार वहन करना पड़ेगा।
हालांकि हालात पूरी तरह नकारात्मक नहीं हैं। बीना रिफाइनरी (मध्य प्रदेश) में सुधार और ब्राजील एवं मोजांबीक में अन्वेषण सफलता भविष्य में इस शेयर के लिए उत्प्रेरक का काम करेंगे। यही वजह है कि ज्यादातर विश्लेषक इस शेयर पर सकारात्मक बने हुए हैं और उन्हें 692 रुपये के मौजूदा स्तर से इसमें 28-30 फीसदी की तेजी की उम्मीद है।
मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज (एमओएसएल) के विश्लेषकों हर्शद बोरावके और दीपक डल्ट ने कंपनी के वित्तीय परिणाम के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा है, 'ईऐंडपी (एक्सप्लोरेशन ऐंड प्रोडक्शन) में तेजी की संभावना बीपीसीएल को एचपीसीएल और आईओसी से अलग रखती है। बीपीसीएल का ईऐंडपी पोर्टफोलियो कंपनी के ब्राजील और मोजांबीक क्षेत्र में विविध खोजों के साथ काफी सफल रहा है। हमारा मानना है कि इसमें काफी तेजी आ सकती है, क्योंकि उसके मोजांबीक और ब्राजील में अन्वेषण पर आरक्षित आकार को लेकर अधिक स्पष्टता है। बीपीसीएल सभी ओएमसी में हमारा पसंदीदा शेयर है।' एमओएसएल के विश्लेषकों ने बीपीसीएल के ईऐंडपी पोर्टफोलियो के लिए 164 रुपये प्रति शेयर की वैल्यू आंकी है।
संभावना
बीपीसीएल की ईऐंडपी सब्सिडियरी बीआरपीएल ने पिछले कुछ महीनों में कई बड़ी अन्वेषण परियोजनाओं को पूरा किया है। बीआरपीएल ने 15 मई 2012 को मोजांबीक में रोवुमा एरिया 1 ब्लॉक में अपने 11वें कुएं की सफलतम खोज की। कंपनी ने इस खोज को 'गोल्फइन्हो' नाम दिया और इसमें 7-20 ट्रिलियन घन फुट (टीसीएफ) प्राकृतिक गैस प्राप्त होने का अनुमान है जिसके साथ ही मोजांबीक में कुल रिकवर योग्य गैस भंडार बढ़ कर 24-50 टीसीएफ हो जाएगा। इस ब्लॉक में बीपीसीएल की 10 फीसदी की छोटी हिस्सेदारी के बावजूद यह बेहद महत्त्वपूर्ण (केजी-डी6 बेसिन में अनुमानित भंडार 3.67 टीसीएफ) है।
विश्लेषक बीपीसीएल के ईऐंडपी कारोबार को लेकर उत्साहित बने हुए हैं, क्योंकि यह मोजांबीक में चालू वर्ष में एटम, ओरका, ब्लैक-पर्ल जैसे नए ब्लॉकों की खुदाई के लिए तैयार है। कंपनी ने फरवरी 2015 तक हर साल 10-12 कुओं की खुदाई की योजना बनाई है, हालांकि उत्पादन वित्त वर्ष 2019 में ही शुरू हो पाने की उम्मीद है। इसके लिए बीपीसीएल ने वित्त वर्ष 2013 में ईऐंडपी व्यवसाय में अपना पूंजीगत खर्च बढ़ा कर 1500 करोड़ रुपये कर दिया है जो वित्त वर्ष 2012 की तुलना में 76 फीसदी अधिक है। कुल पूंजीगत खर्च 39 फीसदी बढ़ कर वित्त वर्ष 2013 में 5000 करोड़ रुपये है। शेष पूंजीगत खर्च कोच्चि और मुंबई रिफाइनरी विस्तार, रिटेल आउटलेटों और एलपीजी सिलेंडर से संबद्घ है। ईऐंडपी के संदर्भ में, पूंजीगत खर्च में मोजांबीक और ब्राजील की बड़ी भागीदारी होगी। विश्लेषक भविष्य में तेजी की संभावना के साथ मौजूदा समय में बीपीसीएल के ईऐंडपी व्यवसाय की वैल्यू 164 रुपये से 451 रुपये प्रति शेयर के बीच निर्धारित कर रहे हैं।
ओएमसी
सरकार और अपस्ट्रीम कंपनियों द्वारा उम्मीद से अधिक भरपाई की वजह से बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसी जैसी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने मार्च 2012 की तिमाही के साथ साथ वित्त वर्ष 2012 के लिए शुद्घ लाभ दर्ज किया है। हालांकि ओएमसी को संबद्घ उत्पादों (डीजल, केरोसिन, एलपीजी) पर अपने नुकसान की पूरी तरह से भरपाई कर ली है, लेकिन अधिक कीमतों का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने में अपनी असमर्थता की वजह से पेट्रोल बिक्री (जो नियंत्रण-मुक्त है) पर भी घाटा सहना पड़ा है। बीपीसीएल को वित्त वर्ष 2012 में 1140 करोड़ रुपये की पेट्रोल बिक्री पर नुकसान दर्ज करना पड़ा जबकि कुल आंकड़ा सभी तीनों ओएमसी के लिए 4900 करोड़ रुपये पर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की बीना रिफाइनरी पर क्षमता इस्तेमाल बढ़ कर 100 फीसदी हो जाने के बाद बीपीसीएल का जीआरएम बढ़ेगा। इस वित्त वर्ष में पारादीप रिफाइनरी के शुरू हो जाने के बाद आईओसी के जीआरएम में भी तेजी आएगी और अपनी बटिंडा रिफाइनरी की शुरुआत से एचपीसीएल को भी मजबूती मिलेगी। कुल मिला कर, तेल विपणन कपंनियों का रिफाइनिंग व्यवसाय बेहतर रहने की संभावना है, लेकिन इन पर सब्सिडी का मुद्दा दबाव बनाए रख सकता है।
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