| ऑनलाइन पोर्टलों से इंटर्नशिप को मिली राह | | एम सरस्वती / June 13, 2012 | | | | |
मुंबई के सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के तीसरे वर्ष के छात्र स्वप्निल खेतान इंटर्नशिप सुरक्षित करने के वास्ते शीर्ष कंपनियों से जुडऩे के लिए एक माध्यम चाहते हैं। उनको भावी नियोक्ता से संपर्क साधने के लिए एक उचित चैनल तलाशना मुश्किल हो रहा था। आखिरकार उनको लेट्सइंटर्न डॉट कॉम से जुडऩा पड़ा। बीते दो सालों के दौरान पोर्टल के साथ जुड़ाव के दौरान उन्होंने फिलिप मॉरिस, चैनल वी और जी ग्रुप के साथ इंटर्नशिप की।
खेतान ऐसे अकेले नहीं है। भारत में कॉलेज जाने वाले तमाम छात्र ऑनलाइन पोर्टलों के साथ जुडऩे का रास्ता चुन रहे हैं, जिससे उन्हें कंपनियों के साथ इंटर्नशिप सुरक्षित करने में मदद मिल रही है। कंपनियों की उम्मीदें और छात्रों की जरूरतें पूरा करने वाले पोर्टलों में लेट्सइंटर्न डॉट कॉम, हेलोइंटर्न डॉट कॉम ट्वेंटी 19 डॉट कॉम जैसे पोर्टल शामिल हैं।
लेट्सइंटर्न डॉट कॉम के सीईओ और सह संस्थापक ऋषभ कहते हैं, 'कई रिपोर्टों के मुताबिक, भारत में 75 से 90 फीसदी स्नातकों में रोजगार कौशल का अभाव होता है। ये कौशल नौकरी के दौरान सीखे जाते हैं और हमारा प्रयास बड़ी संख्या में क्षेत्रों को इसके दायरे में लेते हुए इंटर्नशिप संस्कृति प्रोत्साहित करने का है।'
हेलो इंटर्न डॉट कॉम के संस्थापकों के मन में यह विचार अपने खराब तजुर्बों के बाद आया था, जब वह छात्र जीवनकाल में इंटर्नशिप संभावनाओं के लिए जगह-जगह ठोकर खा रहे थे। उन्होंने पाया कि अधिकांश मामलों में अच्छी संभावनाओं को पाने के लिए एक ही सवाल से जूझना पड़ता था, 'क्या जिस कंपनी में आप आवेदन करने जा रहे हैं, आपके पास कोई जुगाड़ (संपर्क) है?' छह साल पहले बने इस पोर्टल की वेबसाइट पर 35,000 से ज्यादा छात्र पंजीकृत हैं।
हेलो इंटर्न की सह संस्थापक स्नेहल एन कहती हैं कि मुख्य रूप से छात्र इंजीनियरिंग और एमबीए संस्थानों से आते हैं। उन्होंने कहा कि पोर्टल का रोजाना पांच कंपनियों से संपर्क होता है जो इंटर्न की तलाश में सक्रिय दिखती हैं। छात्र अपना रिज्यूमे डाल सकते हैं और पोर्टल के माध्यम से सीधे पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। कंपनियां आवेदन करने वाले छात्रों के प्रोफाइल पर नजर डाल सकती हैं या मुफ्त में उपलब्ध डाटाबेस पर तलाश कर सकती हैं।
पोर्टल इंटर्न एक्सप्रेस नाम की एक प्रीमियम सेवा की पेशकश करता है जहां पूर्ण इंटर्न भर्ती समाधान के लिए कंपनियों से शुल्क वसूलती है। लगभग 1,600 कंपनियों ने हेलो इंटर्न के माध्यम से इंटर्न भर्ती किए हैं, जिसमें से 75 फीसदी नई कंपनियां थीं।
ट्वेंटी19 डॉट कॉम के संस्थापक और सीईओ कार्तिकेयन विजयकुमार ने शुरुआती दिनों में इंटर्नशिप पाने के लिए सूचना देकर छात्रों की मदद की थी। बाद में उन्होंने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक पोर्टल को लॉन्च किया था। पोर्टल कंपनियों की सही प्रत्याशी तलाशने में मदद करता है। उन्होंने कहा, 'कंपनियां पोर्टल पर अपनी जरूरतों को डालती हैं और इस काम के लिए पोर्टल पर एक क्विज चैलेंज टूल भी है। इस टूल के माध्यम से कंपनियां संभावित आवेदकों के लिए अपनी जरूरतों के अलावा कुछ सवाल भी डालती हैं। इससे इन सवालों के आधार पर आवेदकों में से चयन करना आसान हो जाता है।' यहां भी यह छात्रों के लिए मुफ्त है। कंपनियों को अपनी जरूरतें दर्ज करने के लिए सालाना शुल्क देना पड़ता है।
इसके लिए लेट मी नो डॉट इन जैसे अन्य पोर्टल भी हैं जो इंटर्नशिप से ज्यादा सेवाओं की पेशकश करते हैं। यह पोर्टल इंटर्नशिप के अवसरों, कॉलेज कार्यक्रमों से संबंधित जानकारियों, छात्रवृत्तियों की भी पेशकश करता है। पोर्टल कंपनियों के लिए दी जानी प्रीमियम सेवाओं के लिए एक शुल्क भी वसूलता है, लेकिन छात्रों के लिए यह मुफ्त है। पोर्टल के सीईओ अंकुर कुमार ने बताया कि पोर्टल के साथ 75 कॉलेज के छात्र जुड़े हुए हैं और पोर्टल देश भर के कॉलेजों में ओरियंटेशन सेशन भी कराता है। पोर्टल के पास 25,000 यूजर आधार है और इस पोर्टल तक छोटे और मझोले शहरों के कॉलेजों के छात्र सबसे ज्यादा आते हैं, जिन्हें कॉलेज के स्तर पर इंटर्नशिप के अवसर नहीं मिलते हैं।
छात्रों और कंपनियों के पास माध्यम के तौर पर पोर्टलों के इस्तेमाल के लिए अपनी-अपनी वजह हैं। भारतीय विद्यापीठ यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे के तृतीय वर्ष के छात्र अर्णव चौधरी ने कहा कि उनके लिए ट्वेंटी19 डॉट कॉम को चुनने की वजह यह है कि पोर्टल पर विज्ञापन देने वाली कंपनियों की बड़ी संख्या को देखते हुए यहां उनके लिए काफी संभावनाएं हैं।
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