| टसर सिल्क के उत्पादन को बढ़ावा | | बीएस संवाददाता / पटना June 11, 2012 | | | | |
बिहार सरकार ने अब टसर सिल्क के उत्पादन में इजाफा करने का फैसला लिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने एक योजना बनाई है, जिसके तहत वह अगले पांच साल में 171 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस योजना को राज्य सरकार निजी-सार्वजनिक साझेदारी (पीपीपी) के तहत पूरा करेगी।
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने टसर उत्पादन में इजाफे के लिए मुख्यमंत्री टसर विकास योजना बनाई है। इसके तहत वह टसर उत्पादन में इजाफे के लिए समेकित रूप से कदम उठाएगी।
राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया, 'राज्य सरकार बिहार में टसर सिल्क के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना को शुरू करने वाली है। हमने राज्य के चार जिलों, बांका, मुंगेर, कैमूर और नवादा में इस पंचवर्षीय योजना को लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत उत्पादन में बढ़ावा देने के लिए पांच कोया बैंकों को पीपीपी आधार पर स्थापित किया जाएगा।' सूत्रों के मुताबिक इसके साथ-साथ राज्य सरकार 540 नए स्वयं सहायता समूह को भी गठित करेगी। ये समूह पौधरोपण, कीट पालन और बीज उत्पादन करेंगे।
इसके लिए राज्य सरकार अगले दो साल में इन समूहों के जरिये कुल मिलाकर 13,000 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का काम करेगी। वहीं, वह 5 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर मिश्रित खेती को भी बढ़ावा देगी। साथ ही इन पौधों के रखरखाव का काम भी इन्हीं समूहों के जिम्मे होगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने टसर उत्पादन के मामले में 17,000 से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण भी देगी।
राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक इस योजना पर राज्य सरकार करीब 200 करोड़ रुपये का खर्च करेगी। इसमें से 38 करोड़ रुपये का खर्च वह इसी साल करेगी।
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया, 'राज्य में टसर उत्पादन के मामले में काफी संभावनाएं हैं। इसीलिए हम इस मामले में कोई भी कसर नहीं रखना चाहते हैं। हमने नई योजना की शुरुआत की है, जिससे हम हम राज्य में टसर सिल्क के उत्पादन में तेज इजाफा कर सकें।'
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