मुंबई पुलिस ने शहर में रेलवे स्टेशनों, सिनेमाघरों, मंदिरों जैसे अनेक सार्वजनिक स्थानों पर शिकायत पेटियां लगानी शुरू कर दी हैं जिनमें नागरिक अपनी लिखित शिकायतें डाल सकते हैं और उन्हें थाने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हाल ही में एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर आर पाटिल ने कहा था कि नागरिक अब अपनी शिकायतें इन पेटियों में डाल सकते हैं।
पाटिल ने पुलिस को यह निर्देश भी दिया था कि शिकायत पेटिका में से गंभीर मामले सामने आने पर अधिकारी स्वत: संग्यान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज करें।
उन्होंने कहा, अगर पत्रों के माध्यम से गंभीर जानकारी या शिकायत मिलती है तो पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए और उसके अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
मंत्री ने कहा, शिकायत पेटियों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी देने वालों की पहचान उजागर नहीं की जाएगी और उन्हें इनाम दिया जाएगा।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार शिकायत पेटिका की प्रणाली सोमवार से प्रभाव में आ जाएगी।
डीसीपी :विशेष शाखा: संजय शिंतरे ने पीटीआई से कहा, एक थाने के तहत 10 शिकायत पेटियां लगाई जाएंगी। छेड़छाड़, लूटपाट, संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों जैसे मामलों में शिकायतें की जा सकती हैं।
पाटिल ने यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ बातचीत करने की पुलिस की पहल राज्य के अन्य बड़े शहरों में भी शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा, बुजुर्ग नागरिकों से मिलने और उनकी शिकायतों को सुनने के मुंबई पुलिस के कार्यक्रम का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। इस कार्यक्रम को अब चरणबद्ध तरीके से महाराष्ट्र के अन्य बड़े शहरों में शुरू किया जाएगा।