सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने अरविंद केजरीवाल ने आज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि केजरीवाल ने सात साल पहले सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में प्रवेश के लिये लाबिंग की थी । केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने ऐसे किसी पैनल में कभी सदस्य नहीं बनना चाहा जिसके पास कोई शक्ति नहीं है ।
केजरीवाल ने कहा, मैंने एनएसी के लिये कभी भी किसी से नहीं कहा । यह पूरी तरह से झूठ है । मेरी एनएसी का सदस्य बनने की कभी इच्छा नहीं रही । मेरी एनएसी में कोई रूचि नहीं है ।
केजरीवाल ने कहा, एनएसी के पास क्या शक्तियां हैं ? इसने क्या समाज सेवा की है ? इसमें केवल व्यक्ति बैठता है और सोनिया गांधी के साथ चाय पीता है और यह मुझे पसंद नहीं है । उन्होंने कहा कि कांग्रेस डर गई है और उनके खिलाफ अपना अंतिम हथियार इस्तेमाल कर रही है ।
उनकी यह प्रतिक्रिया ऐसे समय पर आई है जब सिंह ने दावा किया था कि स्वामी अग्निवेश के साथ वे वर्ष 2005-06 में परिषद के सदस्य बनने में मदद के लिये उनसे मिले थे ।
उधर अग्निवेश से संपर्क किये जाने पर उन्होंने कहा कि यह कथित बैठक छह से सात साल पहले होने की बात कही जा रही है और उन्हें ऐसी किसी बैठक के होने का याद नहीं है ।
अग्निवेश ने कहा, जिस मुद्दे को सिंह ने उठाया है, वह वर्ष 2005-06 में हुआ था । मुझे याद नहीं है कि मैं केजरीवाल के साथ उनसे मिला था या नहीं ।
केजरीवाल को लिखे पत्र में एआईसीसी के महासचिव ने उन्हें अति महत्वाकांक्षी आत्ममुग्ध शख्स बताया था । सिंह ने आरोप लगाया कि केजरीवाल चाहते थे कि वह एनएसी का सदस्य बनाये जाने के लिये उनके नाम की सिफारिश करें ।