बिहार के मुख्य सचिव अशोक कुमार सिन्हा ने आज कहा कि बिहार राज्य विद्युत बोर्ड का पांच कंपनियों में पुनर्गठन करने से राज्य में बिजली के संचरण और वितरण में होने वाले नुकसान को 40 प्रतिशत से घटाकर 24 प्रतिशत करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष एक बैठक में बिहार बिजली बोर्ड के पुनर्गठन पर प्रस्तुतीकरण के बाद सिन्हा ने बताया , बोर्ड को पांच कंपनियों में विभाजित करने से बिजली के संचरण और वितरण :टीएंडडी: में होने वाला नुकसान 40 प्रतिशत से घटकर 24 प्रतिशत हो जाएगा। पांच वर्ष बाद पांचों नयी कंपनियों को घाटे की पूर्ति के लिए सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं देनी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को वर्तमान में प्रतिवर्ष 2160 रुपये सहायता बोर्ड को देनी पड़ती है। पुनर्गठन से विद्युत वितरण व्यवस्था को प्रभावशाली बनाया जा सकेगा। बिजली कंपनियों को आसान शर्त पर रिण उपलब्ध हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि बिहार बिजली बोर्ड को पांच कंपनियों में विभाजित करने की अनुमति राज्य सरकार ने दे दी है। इस प्रस्ताव के तहत एक होल्डिंग कंपनी, एक संचरण, एक उत्पादन और दो वितरण कंपनियां बनाने का प्रस्ताव है।
बैठक में बिजली मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिजली बोर्ड के अध्यक्ष पीके राय और अन्य कई अधिकारी उपस्थित थे।