बांग्लादेश में आज वर्ष 2009 में हुए हिंसक विद्रोह में भूमिका के लिए 723 और सीमा रक्षकों को जेल की सजा सुनाई गई । इसके साथ ही विद्रोह में शामिल होने के आरोप में जेल जाने वाले सैनिकों की संख्या करीब 6,000 हो गई है ।
विद्रोह करने वाली 57 इकाईयों में से अंतिम के खिलाफ फैसला सुनाते हुए एक अर्धसैनिक बल अदालत ने 723 विद्रोही सैनिकों को कारावास की अलग-अलग अवधि की सजा सुनायी है । अधिकतम सजा सात वर्ष की सजा सुनायी गई है ।
कुल 733 आरोपियों को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश :बीजीबी: के मुख्यालय में स्थित अस्थाई अदालत में पेश किया गया था । न्यायाधीश ने उनमें से 10 लोगों को बरी कर दिया ।
वर्ष 2009 में हुए इस विद्रोह में 57 सैन्य अधिकारियों समेत 74 लोगों की हत्या कर दी गई थी ।
आरोपी सीमा रक्षक बल के सदर बटालियन के सैनिक हैं । इसे पहले बांग्लादेश राइफल्स :बीडीआर: कहा जाता था । विद्रोह केे दौरान 25-26 फरवरी को इनकी यूनिट पिलखाना में तैनात थी ।
बीडीआर अधिनियम के तहत आरोपियों में से 64 को अधिकतम सात वर्ष की सजा दी गई है ।
इस मामलेे में 6,011 बागी सैनिकों के खिलाफ देश की 11 विशेष अर्धसैनिक बल अदलतों में मुकदमा चलाया गया । 56 यूनिट्स की सुनवायी पूरी होने तक अदालत ने 5,926 विद्रोही सैनिकों को अलग अलग अवधि की सजा सुनायी और 115 को बरी कर दिया था ।