जालंधर, 17 अक्तूबर :भाषा: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाल ने पलवल जिले के एक गांव में भूमि खरीद में राहुल गांधी पर कर वंचना का आज आरोप लगाया। कांगे्रस नेता ने इस आरोप को पूरी तरह से गलत, सरासर निराधार और मानहानिकारक कहकर खारिज कर दिया।
इनेलोद प्रमुख ने यहां संवाददाता सम्मेलन में मांग की कि इस मामले की उच्चतम न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच करायी जाये।
चौटाला ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, राहुल ने पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब 6.5 एकड़ के माप वाली जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर वंचना की। राहुल ने यह जमीन 1.5 लाख रूपये प्रति एकड़ की दर से ली जैसा कि जमीन के बैनामे :भूमि बिक्री दस्तावेज: में उल्लेख किया गया है। सरकार द्वारा उस समय किये गये मूल्यांकन के अनुसार उसका मूल्य 8 लाख रूपये प्रति एकड़ था।
उन्होंने कहा कि गांधी को दी गयी जमीन का सरकारी मूल्य 8 लाख रूपये प्रति एकड़ था जबकि इसका बाजार मूल्य 35 लाख रूपये प्रति एकड़ से ज्यादा था।
इन आरोपों का बिन्दुवार खंडन करते हुए राहुल गांधी के कार्यालय ने दिल्ली में कहा कि उन्होंने हरियाणा के जिला पलवल की होडल तहसील के हसनपुर में 41 कनाल 13 मरला :6.456 एकड़: सैलाब जमीन खरीदी।
उसने कहा, यह जमीन कुल 26.47 लाख रूपये में खरीदी गयी जिसका भुगतान चैक से किया गया। यह जमीन करीब 4.10 लाख रूपये प्रति एकड़ की दर से खरीदी गयी।
हसनपुर गांव में सैलाब जमीन के लिए तत्कालीन कलेक्टर दर 2007..08 में, जमीन की खरीद की तारीख तीन मार्च 2008, को 1.5 लाख रूपये प्रति एकड़ थी।
राहुल गांधी के कार्यालय से जारी विग्यप्ति में कहा गया कि जांलधर में चौटाला द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाये गये आरोप पूरी तरह गलत, सरासर आधारहीन और मानहानिकारक हैं।
चौटाला ने यह भी दावा किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राबर्ट वड्रा की कथित रूप से औनेपौने दामों पर करोड़ों रूपये की सपंत्ति खरीदने में उदारता से मदद की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच करायी जानी चाहिए।