्र 17 अक्तूबर
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रत्याशियों के बीच आमने सामने बहस आयाजित की जाती है। इस बहस के कुछ दिन के अंतराल पर तीन दौर चालते हैं। पहले दौर में कुछ पिछड़ने के बाद बहस के दूसरे दौर मंे ओबामा वापसी करते दिखे।
दो सप्ताह पहले चुनाव प्रचार के पहले दौर में सुस्त प्रदर्शन को लेकर अपनी पार्टी से आलोचना झेलने वाले ओबामा ने इस बार चीन, आव्रजन, कर, बेरोजगारी एवं अन्य घरेलू व विदेशी मुद्दों पर रोमनी के नजरिये पर सवाल खड़ा करते हुए बहस शुरू की।
यहां होफस्ट्रा यूनिवर्सिटी में डेढ़ घंटे के भाषण में रोमनी ने आउटसोर्सिंग के खिलाफ अमेरिका के दावे के जवाब में कहा कि अमेरिका से विनिर्माण क्षेत्र की नौकरियां चीन इसलिए जा रही हैं क्यांेकि उद्यमियों को अमेरिका में काम करने से ज्यादा बाहर फायदा नजर आता है।
सीएनएन-ओआरसी द्वारा तत्काल कराए गए अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण मंे 46 फीसद लोगांे का कहना था कि दूसरे दौर के विजेता 51 वर्षीय बराक ओबामा रहे हैं। वहीं 39 फीसद का मानना था कि 65 वर्षीय रोमनी यह दौर जीते हैं। वहीं डेनवर मंे 3 अक्तूबर को हुए पहले दौर मंे इसी तरह के मतदान मंे 60 फीसद लोगांे का कहना था कि रोमनी ने जोरदार जीत दर्ज की है।
अनिर्णय की स्थिति मंे फंसे मतदाताआंे पर सीबीएस के सर्वेक्षण मंे ओबामा आगे दिखाई दिए। इन लोगांे ने ओबामा के पक्ष मंे 37 से 30 फीसद ने कहा कि ओबामा इसमंे आगे रहे। वहीं 33 प्रतिशत का कहना था कि दूसरा दौर टाई रहा।
दर्शकांे ने ओबामा और रोमनी से गैस कीमतांे तथा लीबिया के मसले पर भी सवाल पूछे। अमेरिकी नौकरियांे की आउटसोर्सिंग का मुद्दा बहस के अंतिम समय मंे आया। इस पर आक्रामक और जोरदार तरीके से ओबामा ने अपनी बात रखकर रोमनी को पीछे छोड़ने का प्रयास किया।