नितिन गडकरी पर निशाना साधते हुए अरविन्द केजरीवाल ने आज आरोप लगाया कि भाजपा अध्यक्ष ने महाराष्ट्र में लगभग 100 एकड़ खेती योग्य भूमि हासिल कर निजी फायदा लिया है और उनकी मदद के लिए महाराष्ट्र की कांग्रेस-राकांपा सरकार ने नियमों से छेडछाड़ की । गडकरी ने हालांकि केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए वह इस तरह के बेबुनियाद आरोप मढ रहे हैं ।
गडकरी का पर्दाफाश करने के लिए आयोजित बहुचर्चित प्रेस कांफ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ मुद्दे उठाती हैं लेकिन दरअसल वे सभी मिलकर देश को लूट रही हैं ।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा और महाराष्ट्र की कांग्रेस-राकांपा सरकार में साठगांठ है । गडकरी और उनकी पार्टी ने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर चुप्पी रखी हुई है ।
उनके साथ वकील प्रशांत भूषण और इंडिया अगेन्स्ट करप्शन के अन्य सहयोगी भी थे । केजरीवाल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने गडकरी को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को तोड मरोड दिया ।
उन्होंने दावा किया कि नागपुर जिले के उमरेद तालुका में बांध बनाने के लिए किसानों से भूमि अधिगृहीत की गयी और अतिरिक्त भूमि जो किसानों को लौटायी जानी चाहिए थी, पूर्व सिंचाई मंत्री अजित पवार के हस्तक्षेप से गडकरी और उनकी कंपनी को दे दी गयी ।
केजरीवाल के आरोपों के जवाब में गडकरी ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं । उलटे गडकरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के गिरते ग्राफ के बीच यह विपक्ष के वोट को विभाजित करने का षडयंत्र
है ।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने न कुछ देखा है न जाना है और मुझे बदनाम करने और अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाये हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं ।
गडकरी ने कहा कि केजरीवाल अपनी राजनीतिक पार्टी को चमकाने के लिए भाजपा पर धब्बे लगा रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बदनामी से भाजपा की जो जगह बन रही है, केजरीवाल उसे हथियाना चाहते हैं ।
जारी भाषा अमृत जलीस