डीजल के दाम बढ़ने के आलोक मंे पंजाब के निजी बस संचालकों ने राज्य सरकार से किराया बढ़ाने की आज मांग की और एक अक्टूबर से बसें नहीं चलाने की धमकी दी।
पंजाब मोटर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश साहनी ने यहां संवाददाताओं से कहा, किराया बढ़ाने और डीजल पर से वैट घटाने की हमारी मांग यदि सरकार ने 30 अक्टूबर तक नहीं स्वीकार की तब हम अगले महीने से बसें नहीं चलायेंगे।
बस संचालकों ने किराये में प्रति किलोमीटर 0.15 पैसे बढाने यानी उसमें 23 फीसदी बढ़ोत्तरी करने, मोटर वाहन कर 2.25 रूपए प्रतिकिलोमीटर से घटाकर 1.25 रूपए प्रति किलोमीटर करने तथा डीजल पर वैट घटाने की मांग की।
साहनी ने कहा कि सरकारी पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी ने बस किराया 0.22 पैसे प्रतिकिलोमीटर बढ़ाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि डीजल के दाम पांच रूपए बढ़ने से प्रति बस 1.80 लाख रूपए का बोझ बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न मार्गों पर 3800 निजी बसें चलती हैं जबकि पंजाब रोडवेज की 4200 और पीआटीसी की 2800 बसे हैं।
इसी बीच पंजाब के परिवहन मंत्री अजीत सिंह ने कहा, डीजल के दाम बढ़ने के बाद बस किराया बढ़ाया जाना होगा लेकिन उसी के साथ हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यात्रियों पर कम से कम वित्तीय बोझ पड़े।