असम के धेमाजी जिले में ज्यादातर लोगों के मुश्किलों में फंसने, काजीरंगा नेशनल पार्क का तीन चौथाई हिस्सा पानी में डूब जाने तथा जोरहट, कामरूप, तिनसुकिया, सोनितपुर एवं लखीमपुर जिलों के भी बुरी तरह प्रभावित रहने के साथ ही बाढ़ की स्थिति आज और गंभीर हो गयी ।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि धेमाजी जिले के सात लाख लोगों में छह लाख लोग बाढ़ से बेहाल है क्योंकि 100 गांवों में पानी घुस गया है। उफनती नदियों के तटबंध जगह जगह टूट गए हैं एवं बस्तियों एवं खेतों में पानी घुस गया।
सूत्रों के अनुसार राज्य एवं राष्ट्रीय आपदा एवं राहत बलों को राहत एवं बचाव अभियानों में लगाया गया है।
अरूणाचल प्रदेश में बारिश के चलते वहां से आने वाला पानी गोलाघाट जिले में काजीरंगा नेशनल पार्क :केएनपी: में घुस गया।
केएनपी प्राधिकरण ने बताया कि उफनती ब्रह्मपुत्र से 125 शिकार निरोधक शिविरों में से कम से कम 15 डूब गए हैं। पार्क से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आज रात धारा 144 लगायी जा सकती है ताकि पानी से डूब क्षेत्र से जान बचाने के लिए बाहर लाने वाले हिरण, सुअर, बत्तख आदि जैसे जानवर वाहनों की चपेट में नहीं आ पाएं।
सू़त्रों के अनुसार एशिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजूली का देश के शेष हिस्सों से संपर्क कट गया है क्योंकि उफनती ब्रह्मपुत्र के चलते नौका सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गयी है।
सूत्रों के अनुसार कामरूप :ग्रामीण: जिले के रांगिया में कम से कम 20 गांव पानी में डूब गए हैं जिससे लोगों को उंचे स्थानों, स्कूलों और रेल पटरियों पर शरण लेना पड़ा।
भाषा
नननन