गांव वालों ने आरोप लगाया कि शनान परियोजना प्राधिकारियों ने रात में जलाशय के द्वार नहीं खोले, जिससे पानी चारों तरफ फैल गया। बारिश के कारण हुए भू-स्खलन से शिमला-कालका छोटी लाइन पर भी रेल सेवा प्रभावित हुई।