सरकार द्वारा बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापारियों सहित खुदरा क्षेत्र से जुड़े वर्गों से कोई चर्चा किए बगैर खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दे दी है। हम इसका विरोध करते हैं। खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में 20 सितंबर 2012 को देशभर में व्यापारिक कामकाज पूरी तरह से बंद रहेगा।
उन्होंने दावा किया कि इसमें करीब पांच करोड़ व्यापारी और देशभर में फैले 10 हजार से अधिक व्यापारिक संगठन शामिल होंगे।
आगे की रणनीति तय करने के लिए देशभर के प्रमुख व्यापारी नेताओं का 21 सितंबर को वंृदावन में राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया गया है। खंडेलवाल ने कहा, उसके बाद हम आगे की कार्रवाई की घोषणा करेंगे।
संवाददाता सम्मेलन में भारत उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा ने कहा, विदेशी कंपनियां 70 प्रतिशत माल विदेशों से आयात करेंगी जिससे थोक व्यापार चौपट हो जाएगा।
खंडेलवाल ने कहा, पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद में स्पष्ट आश्वासन दिया था कि इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे दरकीनार करते हुए जो निर्णय लिया है वह पूरी तरह से अनुचित है।
उन्होंने कहा कि सरकार यदि इसे वापस नहीं लेती है तो व्यापारी वर्ग अपना वोट बैंक बदलने में भी नहीं हिचकेगा।
भाषा प्रवीण, मनोहर