कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आज चार व्यक्तियों को 22 वर्ष की एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करने के अपराध में दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
निचली अदालत के इन चारों को दोषमुक्त करार दिए जाने के आदेश को पलटते हुए न्यायमूर्ति दिलीप बी भोंसले की अध्यक्षता वाली खंड पीठ ने चारों आरोपियों को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा अलग से दी।
राज्य सरकार की अपील को स्वीकार हुए अदालत ने उनपर 25-25 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया।
इस्तगासा के अनुसार गंगाधरप्पा, सिद्दाप्पागरी मंजूनाथ, गोपाला और गदमपल्ली श्रीनिवास ने 26 जुलाई 2005 को कोलार जिले में सिद्दलागट्टा के निकट एक गांव में बलात्कार की इस घटना को अंजाम दिया।
बलात्कार की शिकार लड़की ने घटना के अगले दिन शाम को खुद को आग लगाकर जान दे दी।
चारों को वर्ष 2007 में निचली अदालत ने आरोप मुक्त कर दिया था। राज्य सरकार ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी।