पाकिस्तान की एक अदालत ने ईशनिंदा के एक मामले में गलत तरीके से फंसाये जाने के बाद पिछले महीने गिरफ्तार हुई ईसाई लड़की को आज जमानत दे दी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आजम खान ने आज सुबह करीब ढाई घंटे तक चली सुनवाई के बाद रिम्शा मसीह को पांच-पांच लाख रुपये के दो निजी मुचलकों अदा करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
न्यायाधीश ने कहा, मैं उनकी जमानत याचिका मंजूर करता हूं।
सुनवाई के वक्त बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और गैर सरकारी संगठन आवाज के सदस्य अदालत में मौजूद थे।
रिम्शा पर कुरान के पन्ने जलाने का आरोप लगाने वाले व्यक्ति के वकील ने कहा कि लड़की के वकील ने अदालत में महत्वपूर्ण दस्तावेज मुहैया नहीं कराये।
दूसरी ओर मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने न्यायाधीश को बताया कि कई गवाहों ने एक मजिस्ट्रेट के समक्ष कबूल किया है कि उसे मस्जिद के इमाम खालिद चिश्ती ने गलत तरीके से फंसाया।