भारत ने यूरेशिया क्षेत्र को उर्जा की समस्या का हल बताते हुए इस क्षेत्र के देशों में तैनात भारतीय राजनयिकों से कहा है कि वे भारत के प्रति इन देशों में व्यप्त भारी सद्भावना को ठोस आर्थिक और रणनीतिक लाभ में
परिवर्तित करने का प्रयास करें।
तजाकिस्तान की राजधानी में इस क्षेत्र के 11 देशों में कार्यरत भारतीय मिशनों के प्रमुखों को आज संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने मध्य एशिया के साथ तारतम्य की नीति और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र के साथ भारत के संपर्क का उल्लेख किया।
उन्होंने प्राकृतिक संसाधन से परिपूर्ण इस क्षेत्र के साथ रिश्तों में सुधार हेतु वाणिज्य, संपर्क, वाणिज्यदूत और समुदाय के स्तर पर संपर्कों को बढ़ाने पर बल दिया।
कृष्णा ने कहा, हमें भारत के लिए यूरेशिया क्षेत्र के महत्व पर अधिक
ध्यान देने की जरूरत है। इस क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है। अब समय आ गया है कि हम राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र के प्रत्येक देश के साथ-साथ इस क्षेत्र के साथ संपर्क बढ़ाए।
कृष्णा के मुताबिक यूरेशिया क्षेत्र भारत की उर्जा सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भाषा