एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि आधुनिक मानवों की तरह ही अधिकतर निएंदरथल भी दायें हाथ का ज्यादा इस्तेमाल करते थे और इस कारण से संभवत
मानवों में एक हाथ ज्यादा काम करता है तो दूसरा अपेक्षाकृत कुछ कमजोर रहता है। इसका संबंध दिमागी संरचना से भी जुड़ा होता है। क्योंकि मुख्य रूप से दिमाग दो हिस्सों में बंटा होता है। दिमाग का बांया भाग शरीर के दायें भाग को नियंत्रित करता है और यह भाषा में भी प्राथमिक भूमिका निभाता है।
द डेली मेल के मुताबिक, अगर निएंदरथल मुख्य तौर पर दायें हाथ का इस्तेमाल करते होेंगे तो इससे यह भी पता चलता है कि उनकी बोलने की क्षमता भी होगी।
वैग्यानिकों को अध्ययन के लिए बहुत कम निएंदरथल कंकाल ही उपलब्ध है। पहली बार 1957 में फ्रांस में प्रसिद्ध लास्को गुफा से करीब 900 गज दूर जगह पर निएंदरथल कंकाल मिला था। बाद के दिनों में अध्ययनकर्ताओं ने बांह का अध्ययन किया जिससे पता चला निएंदरथल दायें हाथ से कार्य को अंजाम देते थे।