| दूसरी छमाही में चमक सकती हैं निर्माण कंपनियां | | सेक्टर पर नजर | | | जितेंद्र कुमार गुप्ता / November 07, 2010 | | | | |
बुनियादी ढांचा निर्माण कंपनियों की स्थिति में जल्द ही सुधार आने की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीने इन कंपनियों के लिए प्रभावशाली नहीं रहे हैं। माना जा रहा है कि नए ऑर्डरों की हिस्सेदारी और मौजूदा ऑर्डरों, खासकर सड़क परियोजनाओं, के निष्पादन में विलंब हुआ। इसके अलावा भारी बारिश से भी इन परियोजनाओं में बाधा आई। इसमें आश्चर्य नहीं है कि कई प्रमुख कंपनियों के शेयर भी पिछले दो महीनों में अपनी चमक नहीं दिखा पाए हैं। लेकिन जल्द ही यह स्थिति बदल सकती है। दूसरी छमाही में रुझान बदल रहा है।
ऐंबिट कैपिटल के शोध प्रमुख आर मुरली कृष्णन कहते हैं, 'चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में निर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर रहा है और परियोजना निष्पादन के संदर्भ में अब इसमें काफी तेजी आएगी, क्योंकि बिक्री के लिहाज से ऑर्डर बुक मजबूत है और मॉनसून भी समाप्त हो गया है। यह तेजी कंपनियों के वित्तीय परिणामों में भी स्पष्ट रूप से दिखेगी। हम आगामी तिमाहियों में इन कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।' विश्लेषकों का यह भी मानना है कि फंडों की उपलब्धता, इक्विटी और डेट दोनों, की वजह से कंपनियां अब अपनी परियोजनाओं के कार्यान्वयन में बेहतर स्थिति में हैं।
नए व्यवसाय
कार्यान्वयन में सुधार के साथ साथ नई परियोजनाओं के प्रवाह में भी तेजी आने की उम्मीद है क्योंकि कंपनियों ने साल के अंत तक अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कोशिश तेज कर दी है। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक धीरेन्द्र तिवारी ने इस क्षेत्र पर अपनी रिपोर्ट में कहा है, 'सड़क, बिजली, शहरी बुनियादी ढांचा, बंदरगाह एवं सिंचाई जैसे क्षेत्रों से मजबूत ऑर्डर प्रवाह के साथ मैक्रो परिवेश सकारात्मक है। लेकिन मॉनसून की वजह से ऑर्डर में वृद्घि की रफ्तार 2010-11 की दूसरी तिमाही में धीमी रही है। हमें उम्मीद है कि दूसरी छमाही में इसमें तेजी आएगी।'
मूल्यांकन में सुधार की दरकार
ऑर्डरों की भागीदारी में सुधार कंपनियों की पहले से मजबूत ऑर्डर बुक (मौजूदा समय में यह सालाना राजस्व का लगभग 3-3.5 गुना है) को और सक्षम बनाएगा जिससे अगले दो साल के दौरान 25-28 फीसदी की राजस्व वृद्घि दर्ज की जा सकती है। हालांकि आय में मजबूत विकास और व्यावसायिक माहौल में सुधार का असर कंपनियों के मूल्यांकन में दिखना अभी बाकी है, क्योंकि ज्यादातर कंपनियां आगामी आय के 8-12 गुना पर कारोबार कर रही हैं। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के शोध निदेशक रजत राजगढिय़ा कहते हैं, 'पिछली कुछ तिमाहियों में खराब प्रदर्शन को देखते हुए क्षेत्र के लिए मूल्यांकन आकर्षक है।' इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन और संभावनाओं के बारे में अवगत कराने के लिए हम यहां कुछ कंपनियों पर प्रकाश डाल रहे हैं।
एचसीसी
निर्माण कंपनी एचसीसी की ऑर्डर बुक में जून की तिमाही में 25 फीसदी का इजाफा हुआ। यह इसके 2009-10 के राजस्व का 19,300 रुपये या लगभग पांच गुना है। यह राजस्व निर्माण क्षेत्र में सर्वाधिक है। कार्यान्वयन में सुधार, रियल एस्टेट बिजनेस और बीओटी सड़क परियोजनाओं के योगदान से कंपनी को मजबूत राजस्व दर्ज करने में मदद मिलनी चाहिए। इसकी आय अगले दो वर्षों के दौरान बढ़ कर लगभग 35-40 फीसदी हो जाने की उम्मीद है। निवेशक इस शेयर को खरीद सकते हैं।
आईवीआरसीएल इन्फ्रा
सेगमेंट और क्षेत्रों के संदर्भ में आईवीआरसीएल इन्फ्रा एक विविधीकृत कंपनी है। कंपनी को अपनी कुछ परियोजनाओं, (जिनमें से कुछ परियोजनाएं आंध्र प्रदेश में) की धीमी रफ्तार की वजह से मुश्किल का सामना करना पड़ा है। मजबूत ऑर्डर बुक और कार्यान्वयन में सुधार की वजह से इस शेयर की रेटिंग में बदलाव किया जा सकता है। कंपनी की ऑर्डर बुक 23,300 करोड़ रुपये की है जो इसके 2009-10 के राजस्व का लगभग चार गुना है। इसके अलावा इसकी सहायक कंपनियां आईवीआर ऐसेट्स और ह्रिंदुस्तान डॉर ओलिवर भी अच्छा कारोबार कर रही हैं जिसकी वजह से अगले दो वर्षों में इसकी समेकित आय 25-30 फीसदी बढ़ सकती है।
नागार्जुन कंस्ट्रक्शन
निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी नागार्जुन कंस्ट्रक्शन को चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बेहतर कार्यान्वयन की उम्मीद है। मौजूदा समय में कंपनी की ऑर्डर बुक 16,000 करोड़ रुपये की है जो इसकी 2009-10 की बिक्री का लगभग तीन गुना है। इससे अगले दो वर्षों में कंपनी को अपनी आय में लगभग 25-27 फीसदी का इजाफा करने में मदद मिलेगी। इस साल कंपनी अपनी तीन बीओटी परियोजनाएं शुरू करेगी जो अगले साल इसके राजस्व में लगभग 155 करोड़ रुपये का योगदान दे सकती हैं। यह शेयर 154 रुपये पर कारोबार कर रहा है और इसमें बढ़त की अच्छी संभावना बनी हुई है।
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