आंध्र प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री के पार्थसारथी को एक स्थानीय अदालत ने दो महीने के साधारण कारावास की सजा आज सुनाई। उन्हें विदेशी मुद्रा विनिमय नियमन अधिनियम
आर्थिक अपराधों के लिए विशेष अदालत ने शहर की एक फर्म केपीआर टेली प्रोडक्ट्स लिमिटेड पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। पार्थसारथी इसके प्रबंध निदेशक थे। अदालत ने उन्हें प्रवर्तन निदेशालय की ओर से लगाए गए जुर्माने और फेरा प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाने के बाद 20 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करने का निर्देश दिया।
हालांकि, अदालत ने यह सजा 30 दिन के लिए उस वक्त निलंबित कर दी जब मंत्री के वकील ने उपरी अदालत में आदेश को चुनौती देने के लिए वक्त मांगा।
फैसला सुनाये जाते वक्त पार्थसारथी अदालत में मौजूद थे। उन्हें 10 हजार रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही रकम की जमानत राशि पर जमानत दे दी गई।
प्रवर्तन निदेशालय ने फर्म की ओर से विदेश से कुछ उपकरणों के आयात में फेरा का कथित तौर पर उल्लंघन करने को लेकर पार्थसारथी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने साल 2001 में उनपर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था लेकिन उन्होंने उस रकम की अदायगी नहीं की थी।