आईएसआई का संदिग्ध अधिकारी और भारत में वांछित मेजर समीर अली मुंबई में 2008 के आतंकी हमले के दौरान कराची स्थित नियंत्रण कक्ष में गया था और जिस समय आतंकवादी मुंबई में कहर बरपा रहे थे, अली लश्कर ए तयबा के कमांडर जकी उर रहमान लखवी को निर्देश दे रहा था ।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह खुलासा सैयद जबीउददीन अंसारी उर्फ अबू जंदल ने सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ के दौरान किया ।
आईएसआई का एक अन्य संदिग्ध अधिकारी साजिद मीर भी मुंबई आतंकी हमले में शामिल था । उसने भारत में आतंकवादी वारदात को अंजाम देने की साजिश रची । उसने मुंबई पर हमला करने वाले अजमल आमिर कसाब और नौ अन्य आतंकवादियों की मदद की थी और उन्हें बैतूल मुजाहिदीन में प्रशिक्षण दिलवाया था ।
जंदल ने पूछताछ करने वाले भारतीय अधिकारियों को बताया कि मीर भारत में हुए सबसे खतरनाक आतंकवादी हमले का आयोजक और प्रेरक था । मुंबई में 2008 के इस आतंकी हमले में 166 लोगों की जान गयी थी ।
सूत्रों ने बताया कि मुंबई हमला जब खत्म हुआ तो मेजर समीर अली ने नियंत्रण कक्ष में मौजूद सभी लोगों से कहा कि वे वहां से तितर बितर होकर भूमिगत हो जाएं ।
जंदल जब बैतूल मुजाहिदीन वापस गया तो लखवी अपनी तीन बीवियों के साथ एक सुरक्षित मकान में रह रहा था ।
सूत्रों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण मुंबई हमले के कुछ सप्ताह बाद पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने नियंत्रण कक्ष पर छापा मारकर उसे ध्वस्त कर दिया था ।
कुछ महीनों बाद जब पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने बैतूल मुजाहिदीन स्थित शिविर पर छपा मारा तो उन्होंने वहां से लखवी को गिरफ्तार किया ।
जारी भाषा अमृत जलीस
अमृत जलीस सुजाता दि54
07051715 दि
नननन