| निफ्टी का 4700 का सपोर्ट टूटा तो और गिरावट संभव | |
| मोटा नजरिया | | देवांग्शु दत्ता / 11 02, 2009 | | | | |
इस सप्ताह निफ्टी 5.7 फीसदी लुढ़ककर 4,117.7 अंक और सेंसेक्स 5.5 फीसदी की गिरावट के साथ 15,896 अंकों पर बंद हुआ।
बिकवाली का जबरदस्त दबाव झेलने के बाद डॉलर ने वापसी की और डेफ्टी में 6.8 फीसदी की गिरावट आई। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी रही। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी की, लेकिन फिर भी गिरावट नहीं रुकी।
नजरिया
इस समय 4,700 पर बाजार को महत्वपूर्ण सपोर्ट मिल रहा है और बाजार में अत्यधिक बिकवाली हो चुकी है। अगर सपोर्ट बरकरार रहा तो निकट भविष्य में 4,950 के स्तर तक बढ़त दिख सकती है। पर अगर 4,700 का सपोर्ट टूटा तो फिर अगला सपोर्ट 4,600 पर मिल सकता है।
इंट्रा-डे रुझान स्पष्ट तौर पर बिकवाली के हैं। नवंबर तक शुध्द घाटे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। अनिश्चितता की स्थिति और बढ़ सकती है।
दलील
लगातार 13 सप्ताहों तक तेजी बनी रहने के बाद बीच के रुझान लगातार दूसरे सप्ताह कारोबार के लिहाज से ठीक नहीं रहे। सामान्य तौर पर बीच के रुझान 6 से 10 सप्ताह के बीच रहते हैं, इसलिए शुध्द गिरावट नवंबर में भी रह सकती है। विभिन्न चार्ट पैटर्नों से 4,900-5,100 के दायरे से डाउनटर्न ब्रेकआउट के संकेत मिल रहे हैं।
प्रति दलील
निकट अवधि में बाजार में अत्यधिक बिकवाली हो चुकी है, इस लिहाज से अगर विदेशी निवेशक पुन: खरीदारी की तरफ रुख करते हैं तो स्थिति में बदलाव संभव है। अनुमान हैं कि लंबी अवधि के रुझान अभी भी सकारात्मक हैं। ऐसी स्थिति में मौजूदा गिरावट जल्द थम सकती है। अगर बाजार में गिरावट रुकी तो निफ्टी 5050 तक जा सकता है।
तेजड़िए और मंदड़िए
चीनी को छोड़कर लगभग सभी क्षेत्रों में बिकवाली देखी गई। सबसे ज्यादा मार बैंकिंग और रियल्टी पर पड़ी जबकि आईटी क्षेत्र ने गिरावट का मुकाबला किया। धातु क्षेत्र को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा। मौजूदा संकेत कह रहे हैं कि कारोबार के सुधरने की स्थिति में लगभग सभी क्षेत्रों में तेजी आएगी।
बजाज हिंदुस्तान
मौजूदा भाव: 196.45 रुपये
लक्ष्य: 215 रुपये
हाल की तेजी के बाद कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है और सपोर्ट मिलने से इसके शेयरों में सुधार हो रहा है। 192 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाकर लॉन्ग पोजीशंस लें। साथ ही 210-215 रु पये के बीच थोड़ी बहुत मुनाफावसूली करें। 225 रुपये तक इसमें तेजी बनी रह सकती है।
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