देश में विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों से ण लेने वाले 49 लाख से अधिक लोगों ने इन बैंकों को कुल एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का समय पर भुगतान करने में चूक गये।
एक आरटीआई कार्यकर्ता ओम प्रकाश शर्मा को विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना में यह तथ्य सामने आया है।
सूची में भारतीय स्टेट बैंक शीर्ष पर है और कर्जवापसी में चूक करने वालों में इसकी हिस्सेदारी 32 प्रतिशत है। चूक करने वाले लोगों की संख्या के लिहाज से 36.3 प्रतिशत लोग एसबीआई से कर्ज लेने वाले हैं।
एकत्र की गई सूचना से पता चलता है कि 49,24,611 लोगों ने इन बैंकों से ण लिया था और ये 1,00,155 करोड़ रुपये के कर्ज की वापसी नहीं कर सके।
एसबीआई में चूककर्ताओं की कुल संख्या 17,88,125 रही और इन लोगों ने 32,534 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं लौटाया।
पंजाब नेशनल बैंक 9,632 करोड़ रुपये की चूक के साथ दूसरे पायदान पर है, जबकि यूनियन बैंक के ग्राहकों ने 7,615 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं लौटाया। चूक करने वालों की संख्या के मामले में यूनियन बैंक दूसरे पायदान पर रहा क्योंकि इसके 5,50,733 ग्राहकों ने ण का पुनर्भुगतान नहीं किया।
वहीं, बैंक आफ इंडिया में ऐसे कर्जदारों की संख्या 3,43,220 रही।
भाषा
नननन