बिजनेस स्टैंडर्ड - मुख्य कार्याधिकारियों में माफीनामे की बढ़ती प्रवृत्ति महज रणनीति!
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, June 25, 2018 06:51 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

मुख्य कार्याधिकारियों में माफीनामे की बढ़ती प्रवृत्ति महज रणनीति!

जिंदगीनामा
कनिका दत्ता /  May 22, 2018

फेसबुक, ऐपल, टोयोटा, माइक्रोसॉफ्ट, उबर, एमेजॉन, स्टारबक्स, नोवार्टिस और एटीऐंडटी की गिनती दुनिया की सर्वाधिक मूल्यवान कंपनियों में होती है लेकिन इनमें एक और समानता भी है। इन सभी कंपनियों के मुख्य कार्याधिकारियों (सीईओ) ने पिछले कुछ समय में अपने कर्मचारियों, ग्राहकों या आम लोगों से माफी मांगी है। केवल इसी साल चार बड़ी कंपनियों के अधिकारियों को माफी मांगते हुए देखा जा चुका है। फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग ने उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारियां दूसरों को देने के मामले में एक बार फिर माफी मांगी। जुकरबर्ग इसके पहले 2007, 2008 और 2010 में भी निजता उल्लंघन के लिए माफी मांग चुके हैं। स्टारबक्स के केविन जॉनसन ने फिलाडेल्फिया आउटलेट में तैनात एक कर्मचारी के साथ नस्ली भेदभाव होने पर माफी मांगी। नोवार्टिस के वसंत नरसिम्हन और एटीऐंडटी के रैंडेल स्टीफेंसन पर अपने पक्ष में नीतियों को प्रभावित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के निजी वकील माइकल कोहेन को भुगतान करने के आरोप लगे तो उन्होंने माफी मांग ली। 

 
उत्पादों के कीमत-निर्धारण में गड़बड़ी, सुरक्षा संबंधी मसले, महिलाओं के बारे में अपमानजनक बयान और सवालों के घेरे में आए लाइसेंस सौदे कंपनियों के पछतावे की वजह बन रहे हैं। हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी संकट से निपटने के लिए माफी मांगना कंपनियों की रणनीति का हिस्सा बनता जा रहा है। इस तरह की प्रवृत्ति ने पिछले एक दशक में जोर पकड़ा है लेकिन हाल में सीईओ के माफीनामे की बढ़ती संख्या इस ओर इशारा करती है कि कड़ी प्रतिस्पद्र्धा के मौजूदा दौर में कंपनियों के लिए अपनी प्रतिष्ठा का सवाल काफी अहम होता जा रहा है। 
 
शीर्ष अधिकारियों की तरफ से माफी मांगने के मौजूदा दौर की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी जब टोयोटा के अध्यक्ष आकियो टोयोदा ने नम आंखों के साथ चीन के कार मालिकों से माफी मांगी थी। चीन और जापान के बीच सैकड़ों साल तक रहे गैर-दोस्ताना रिश्तों को देखते हुए टोयोदा का माफी मांगना एक क्रांतिकारी कदम माना गया था। वह चीन में बेची गई टोयोटा कारों में सुरक्षा संबंधी खामियों के चलते हुई 37 लोगों की मौत होने के बाद माफी मांग रहे थे। उन्होंने इन कार मॉडलों को वापस लेने की घोषणा भी की थी। हालांकि टोयोदा का माफीनामा भी टोयोटा के शेयरों में गिरावट और कार बिक्री में 20 फीसदी कमी आने को नहीं रोक पाई थी। (वैश्विक मंदी के असर को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।) पांच साल बाद जनरल मोटर्स की पहली महिला सीईओ मैरी बेरा ने अमेरिकी लोगों से गहरा खेद जताया था। कंपनी के दो कार मॉडल में इग्निशन स्विच की खराबी के चलते कुछ लोगों की मौत होने के बाद मैरी ने यह माफी मांगी थी। उस समय यही कहा गया कि मैरी टोयोदा के दिखाए रास्ते पर ही चलीं।
 
वर्तमान समय में वैश्विक कंपनियों के सीईओ की तरफ से माफी मांगने की घटनाएं इतनी आम हो चुकी हैं कि इस विषय पर बाकायदा अध्ययन किया जा सकता है। प्रबंधन विशेषज्ञों ने तो बाकायदा 'कॉर्पोरेट माफीनामे की कला' जैसी रिपोर्ट लिखनी शुरू भी कर दी हैं। सीईओ का माफीनामा संकट की घड़ी में अपनाई जाने वाली रणनीति का अब 'ऐच्छिक हिस्सा' नहीं रह गया है। इस विषय पर उपलब्ध प्रचुर सामग्री की मानें तो सीईओ का माफीनामा बेहद गंभीर स्वरूप अख्तियार कर चुका है। माफी मांगते समय आपका रुख कैसा है, किन शब्दों का चयन करना है, किस लहजे में माफी मांगनी है जैसे मुद्दों की खूब पड़ताल की जाती है। इसके अलावा यह भी देखना होता है कि सीईओ को अपने संस्थान के कर्मचारियों से ही माफी मांगनी है या उस संदेश को आम लोगों तक भी पहुंचाना है। (अमूमन सीईओ कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में ही माफी मांगते हैं और फिर उस मेल को लीक कर दिया जाता है।) कॉर्पोरेट माफीनामे के पेशेवर विश्लेषकों की नजर में इस प्रवृत्ति को तेजी देने में टोयोदा का योगदान काफी अहम है। उनका कहना है कि टोयोदा ने तय प्रारूप के मुताबिक माफी मांगी और चीन में हुई मौतों के लिए अपने वाहनों की खामी को भी जिम्मेदार बताने से परहेज किया। मैरी बारा ने भी जनरल मोटर्स की कारों में पाई गई खामियों को उत्पादन के दौरान दूर करने का जो वादा किया वह भी कंपनी की बिक्री और शेयर कीमतों को अधिक गिरने से रोक पाया। हालांकि जनरल मोटर्स ने टोयोटा की तुलना में तिगुनी संख्या में अपनी कारें वापस मंगवाईं।
 
सच तो यह है कि अपनी गलती मान लेना महज खेद जताने से कहीं अधिक कारगर होता है। नोवार्टिस के नरसिम्हन ने कहा था, 'हमने इस करार का हिस्सा बनने में गलती की और उसका नतीजा यह हुआ कि हमसे अधिक उम्मीदें रखने वाली दुनिया हमारी आलोचना कर रही है।' नरसिम्हन ने उदार मन से यह स्वीकारोक्ति की थी क्योंकि वह फरवरी में ही सीईओ बने थे और उनका विवादित फैसले से कोई सीधा संबंध भी नहीं था। लेकिन एटीऐंडटी के रैंडेल इतने उदार नहीं दिखे। रैंडेल ने कहा, 'मैं साफ कहता हूं कि एटीऐंडटी ने माइकल कोहेन को अपना राजनीतिक सलाहकार बनाकर बड़ी गलती की।' सीईओ के माफीनामे की अहमियत बढऩे के पीछे अहम बात यह है कि कंपनियां पहले तो जानबूझकर या गैर-इरादतन गड़बड़ी करती हैं और फिर सोशल मीडिया पर उसकी चर्चा होने पर उन्हें पकड़े जाने का डर सताने लगता है। 
 
हालांकि यह देखना दिलचस्प है कि भारत में केवल गिनती के सीईओ ने ही किसी बात को लेकर माफी मांगी है। अभी तक केवल आनंद महिंद्रा और टेक महिंद्रा के सीईओ सी पी गुरनानी ने ही सार्वजनिक माफीनामा जारी करने की समझ दिखाई है। एक क्लिप में कंपनी के एक कर्मचारी को लागत उपयोगिता के नाम पर नौकरी से निकाले जाने की बात सामने आने पर महिंद्रा ने माफी मांगी थी। यूटीआई, ग्लोबल ट्रस्ट, सत्यम, रैनबैक्सी और रेलिगेयर जैसे मामले में क्या किसी भी शख्स ने कभी हजारों निवेशकों एवं कर्मचारियों से माफी मांगने की कोशिश की?
Keyword: company, CEO,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या एचडीएफ सी एमएफ के कदम से ग्राहकों का होगा अहित?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.