बिजनेस स्टैंडर्ड - पांच साल में बैंकों के साथ हुई 1,00,718 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, May 26, 2018 03:28 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

पांच साल में बैंकों के साथ हुई 1,00,718 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी

भाषा / नई दिल्ली May 02, 2018

विभिन्न बैंकों में पिछले पांच साल में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के 23,000 बैंक धोखाधड़ी के मामले सामने आए। एक आरटीआई के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा है कि अप्रैल 2017 से 1 मार्च 2018 तक 5,152 बैंक धोखाधड़ी के मामले सामने आए। 2016-17 में यह आंकड़ा 5,000 से अधिक था। केंद्रीय बैंक के अनुसार अप्रैल 2017 से 1 मार्च 2018 के दौरान सबसे अधिक 28,459 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी के मामले सामने आए।

2016-17 में 5,076 मामलों में बैंकों के साथ 23,933 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। 2013 से 1 मार्च 2018 के दौरान एक लाख रुपये या उससे अधिक के बैंक धोखाधड़ी के कुल 23,866 मामलों का पता चला। आरटीआई से मिले जवाब के अनुसार इन मामलों में कुल 1,00,718 करोड़ रुपये की राशि फंसी हुई है।

इसका ब्योरा देते हुए रिजर्व बैंक ने कहा है कि 2015-16 में बैंकों के साथ धोखाधड़ी के 18,698 करोड़ रुपये के 4,693 मामले प्रकाश में आए। 2014-15 में 19,455 करोड़ रुपये के 4,639 मामले पकड़े गए थे। वित्त वर्ष 2013-14 में बैंकों में कुल 4,306 धोखाधड़ी के मामले सामने आए। इनमें कुल 10,170 करोड़ रुपये की राशि फंसी थी।

ये आंकड़े इस दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं कि केंद्रीय जांच एजेंसियां सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय कई बड़े बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जांच कर रहा है। इनमें पंजाब नेशनल बैंक का 13,000 करोड़ रुपये का घोटाला भी शामिल है। इस घोटाले का सूत्रधार नीरव मोदी और उसका मामा गीतांजलि जेम्स का प्रवर्तक मेहुल चोकसी है। सीबीआई ने हाल में आईडीबीआई बैंक के साथ 600 करोड़ रुपये की कर्ज धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2017 तक सभी बैंकों की गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) 8,40,958 करोड़ रुपये थीं। सबसे अधिक एनपीए सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक का 2,01,560 करोड़ रुपये था।

वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला द्वारा 9 मार्च को लोकसभा को दी गई जानकारी के अनुसार, इस अवधि तक पंजाब नेशनल बैंक का एनपीए 55,200 करोड़ रुपये, आईडीबीआई बैंक का 44,542 करोड़ रुपये, बैंक आफ इंडिया का 43,474 करोड़ रुपये, बैंक आफ बड़ौदा का 41,649 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक आफ इंडिया का 38,047 करोड़ रुपये, केनरा बैंक का 37,794 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई बैंक का 33,849 करोड़ रुपये था।

Keyword: bank, fraud, NPA, RBI, PNB, धोखाधड़ी, मामले, रिजर्व बैंक, आरटीआई,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या मोदी सरकार के चार साल में जमीन पर हुआ है विकास?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.