बिजनेस स्टैंडर्ड - सकारात्मक संकेतों के बावजूद बाजार में शंका बरकरार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, May 24, 2018 11:19 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

सकारात्मक संकेतों के बावजूद बाजार में शंका बरकरार

बाजार संकेतक
देवांग्शु दत्ता /  04 18, 2018

शेयर बाजार ने भारतीय रिजर्व बैंक की अनुकूल मौद्रिक समीक्षा और तर्कसंगत समग्र आर्थिक आंकड़ों की मदद से पिछले पखवाड़े खोई हुई जमीन हासिल कर ली है। कुछ हफ्तों में कंपनियों के नतीजे आने वाले हैं जो शेयर कारोबार को गति देने का काम करेंगे।  मुद्रास्फीति में थोड़ी सुस्ती आई है। मार्च 2018 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) एक साल पहले की तुलना में 4.28 फीसदी बढ़ गया। पिछले पांच महीनों में यह न्यूनतम स्तर है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला किया।

 
रिजर्व बैंक का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहेगी जबकि सीपीआई-आधारित मुद्रास्फीति पहली छमाही में 4.7-5.1 फीसदी और दूसरी छमाही में 4.4 फीसदी रह सकती है। थोक मूल्य सूचकांक भी मामूली गिरावट के साथ 2.47 फीसदी पर आ गया है। महंगाई दर (गैर-खाद्य एवं तेल) 5.4 फीसदी पर पहुंच चुकी है। फरवरी में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) एक साल पहले की तुलना में 7.1 फीसदी बढ़ा। पूंजीगत उत्पाद 20 फीसदी की तेजी से बढ़े हैं जबकि ढांचागत क्षेत्र एवं निर्माण गतिविधियों में 12.6 फीसदी वृद्धि हुई है। यह लगातार चौथा महीना है जब आईआईपी सात फीसदी से अधिक बढ़ा है। अप्रैल 2017- फरवरी 2018 में औसत वृद्धि दर 5.3 फीसदी रही है।
 
वित्त वर्ष 2017-18 में निर्यात 9.8 फीसदी बढ़कर 302 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान आयात 19.6 फीसदी की तीव्र वृद्धि के साथ 459.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस तरह 2017-18 में व्यापार घाटा 156.8 अरब डॉलर रहा है। अगर कच्चे तेल के दाम बढ़ते रहे तो व्यापार घाटा बढ़ सकता है। अनुमान है कि वर्ष 2018-19 में चालू खाते का घाटा जीडीपी का 2.6 फीसदी रह सकता है। रुपया भी गिरकर 65.39 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। आशंका है कि सीरिया पर किए गए हवाई हमले आगे चलकर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के खिलाफ रूस को आमने-सामने खड़ा कर सकते हैं। ऐसा होने पर तेल आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। निवेशक अमेरिका और चीन के बीच छिड़े व्यापार युद्ध को लेकर भी चिंतित हैं। 
 
ऐसी स्थिति में बाजार को कंपनी नतीजों से संबल मिलने की उम्मीद है। बाजार ने कंपनी लाभ के दो अंकों में रहने का अनुमान लगाया है लेकिन चौथी तिमाही में लाभ कम रह सकता है। इन्फोसिस के हाल ही में आए नतीजे इस रुझान को सही ठहरा रहे हैं लेकिन 2018-19 के परिदृश्य को लेकर निवेशक नाखुश दिख रहे हैं।  इन्फोसिस का 2017-18 में शुद्धï मुनाफा 11.7 फीसदी बढ़कर 160 अरब रुपये पर पहुंच गया जबकि बिक्री-राजस्व तीन फीसदी बढ़त के साथ 705 अरब रुपये रहा है। इन्फोसिस को उम्मीद है कि वर्ष 2018-19 में उसका राजस्व 6-8 फीसदी और परिचालन मार्जिन 22-24 फीसदी तक बढ़ जाएगा। इन्फोसिस के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सलिल पारेख ने दो विदेशी अनुषंगी कंपनियों स्कावा और पनाया को बेचने की योजना का भी ऐलान किया है। देश को दो दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में अंतर देखने को मिला है। इन्फोसिस जहां गिरावट पर रहा वहीं टीसीएस के शेयर नतीजे आने के पहले सकारात्मक रहे हैं।
 
बैंकिंग क्षेत्र लगातार घोटालों के सामने आने से बदहाल है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यूको बैंक के पूर्व चेयरमैन समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों पर 621 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में आरोपपत्र दायर कर दिया है जबकि पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में हुए 13,000 करोड़ रुपये के घपले की जांच जारी है। सीबीआई का मानना है कि नीरव मोदी और उसके सहयोगियों की 47 कंपनियों के जरिये पीएनबी में इतना बड़ा घोटाला किया गया है। आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन विवाद पर आयकर विभाग का कहना है कि दीपक कोछड़ की कंपनी न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स के शेयरों की बेहद ऊंची कीमत लगाकर यह पैसा निकाला गया। ऐक्सिस बैंक की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ शिखा शर्मा कार्यकाल पूरा होने के काफी पहले दिसंबर 2018 में ही हटने वाली हैं। उनके कार्यकाल में बड़े ऋणों के फंस जाने पर रिजर्व बैंक ने जवाब-तलब किया था।
 
बैंक गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) बढऩे के चलते ब्याज दरों में कटौती नहीं कर पा रहे हैं। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी एचडीएफसी ने भी अपनी दरें बढ़ा दी हैं। बाजार से कम उधारी लेने के सरकारी ऐलान के बाद बॉन्ड प्रतिफल भी गिर गए हैं। हालांकि जीएसटी के दुरुस्त नहीं होने और आसन्न चुनावों को देखते हुए यह देखना होगा कि सरकार अपने वादे पर कायम रहती है या नहीं। एतिहाद और अनिल अंबानी एयर इंडिया की 76 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर सकते हैं। स्वास्थ्य देखभाल कंपनी फोर्टिस हेल्थकेयर की भी खरीद के लिए हीरो ग्रुप, डाबर और मनिपाल जैसे दावेदार सामने आ सकते हैं।
 
घरेलू संस्थागत रुझान और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश रुझान कुल मिलाकर सकारात्मक हैं। हालांकि एफपीआई बिकवाली कर रहे हैं लेकिन डीआईआई लिवाली कर उन्हें पीछे छोड़ रहे हैं। नए वित्त वर्ष में खुदरा निवेशक भी दोबारा बाजार का रुख करने लगे हैं। हालांकि अगले महीने कर्नाटक में होने वाले चुनावों पर बाजार की नजर रहेगी। अगर नतीजे कांग्रेस के पक्ष में रहते हैं तो बिकवाली में तेजी आएगी। जहां तक तकनीकी आधार का सवाल है तो बाजार 200 कारोबारी दिवसों के औसत स्तर से ऊपर पहुंच गया है लेकिन उसका दायरा काफी सीमित है। निफ्टी को 10,600 के स्तर पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी नतीजे या कर्नाटक चुनाव के नतीजे बाजार की दिशा को नया मोड़ दे सकते हैं।
Keyword: RBI, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या तेल कंपनियों से कम लाभांश बिगाड़ेगा सरकार का गणित?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.