बिजनेस स्टैंडर्ड - किंगमेकर बनेंगे एचडी देवेगौड़ा!
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, April 26, 2018 05:17 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

किंगमेकर बनेंगे एचडी देवेगौड़ा!

अर्चिस मोहन /  04 16, 2018

जनता दल (सेक्युलर) अपना अस्तित्व बचाने की कवायद में है। करीब एक दशक पहले आखिरी दफा जद (एस) कर्नाटक में सरकार का हिस्सा था। हाल ही में देवेगौड़ा ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा था, 'हम एक छोटी क्षेत्रीय पार्टी हैं। चुनावों में काफी पैसा लगता है। दो प्रमुख प्रतिस्पद्र्धी दलों की तरह हमारी पार्टी के पास पैसा नहीं है। हम सीमित संसाधन के साथ काम करने को मजबूर हैं।' हालांकि चुनावों के दौरान दाखिल किए गए हलफनामों से यह जाहिर होता है कि गौड़ा घराना बेहद अमीर है और कई कारोबारों का स्वामित्व इस परिवार के पास है। हालांकि कुछ और साल सत्ता से बाहर होने से पार्टी के मनोबल पर घातक असर हो सकता है। 

 
अगर कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जद (एस) के दो प्रमुख प्रतिस्पद्र्धी दलों कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में से किसी एक को बहुमत के साथ जीत मिलती है तो निश्चित रूप से जद (एस) टूट के कगार पर पहुंच सकता है। यही वजह है कि 12 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जद (एस) का नेतृत्व पूरी ताकत लगाकर किंगमेकर बनने की कोशिश कर रहा है। पार्टी चाहती है कि कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा वाली स्थिति बने और किसी भी दल को बहुमत न मिले। फरवरी से ही जद (एस) ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी। 8 फरवरी को इसने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठजोड़ की घोषणा की जो 224 विधानसभा सीटों में से 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी घोषणा की कि उनकी पार्टी देवेगौड़ा की पार्टी का समर्थन करेगी। हैदराबाद, कर्नाटक क्षेत्र में एआईएमआईएम का प्रभाव है। ओवैसी का कहना है कि एआईएमआईएम अपना कोई उम्मीदवार नहीं खड़ा करेगी और यह पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के लिए प्रचार करेगी। ओवैसी के समर्थन से अल्पसंख्यकों के बीच कांग्रेस का यह प्रचार बेअसर हो सकता है कि जद (एस) भाजपा की 'बी' टीम है। 
 
तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने संयुक्त मोर्चा बनाने के अपने प्रस्ताव पर जद (एस) का समर्थन मांगते हुए घोषणा की थी कि उनकी पार्टी जद (एस) को समर्थन देगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी कर्नाटक के मतदाताओं से अपील की है कि वे उसी पार्टी को अपना वोट दें जो भाजपा को हरा सकती हो।  पिछले हफ्ते देवेगौड़ा ने माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी से भी संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन पार्टी इस हफ्ते हैदराबाद में होने वाले कॉन्क्लेव के बाद ही इस पर अपनी प्रतिक्रिया देगी। पार्टी के आंतरिक सर्वेक्षण के मुताबिक भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर होगी। जद (एस) का मानना है कि भाजपा 70-80 सीटें जीत सकती है जबकि कांग्रेस 80-90 सीटें हासिल कर सकती है। वहीं जद (एस) की झोली में तकरीबन 40 सीटें आ सकती हैं। 2013 के विधानसभा चुनावों में जद (एस) ने 40 सीटें जीती थीं और इसके वोटों की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी थी। अगर कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती है तो क्या जद (एस) भाजपा के साथ सरकार बनाएगा? जद (एस) का नेतृत्व यह संकेत देने से हिचकता है लेकिन उनकी दिलचस्पी कांग्रेस में जरूर दिखती है। एक नेता का कहना है कि देवेगौड़ा भाजपा के साथ नहीं जाना चाहेंगे लेकिन वह कांग्रेस के 'अहंकार' और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा उनके 'परिवार पर निजी हमले' किए जाने से असंतुष्ट हैं। देवेगौड़ा का मानना है कि उनकी पार्टी की मुश्किलें तब बढ़ीं जब उनके बेटे कुमारस्वामी ने वर्ष 2006-07 में भाजपा से गठबंधन कर लिया और अब वे दोबारा वह गलती नहीं दोहराना चाहेंगे। जद (एस) के एक सूत्र का कहना है, 'राहुल गांधी के हमले की वजह से देवेगौड़ा, भाजपा के साथ कुमारस्वामी का गठबंधन न होने देने के फैसले में कमजोर पड़ रहे हैं'। हालांकि गौड़ा परिवार इस बात के लिए राजी नहीं हो सकता कि कांग्रेस और जद (एस) की सरकार बने और उसमें सिद्धरमैया भी हों। दरअसल जद (एस) यह चाहता है कि कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार का नेतृत्व कुमारस्वामी करें। जद (एस) को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सोच-समझकर ही गौड़ा परिवार की आलोचना करेंगे। अहम बात यह है कि जद (एस) पहले भी आश्चर्यजनक फैसले लेने के लिए जाना जाता है।
Keyword: JDU, H. D. Deve Gowda,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या पंचाट के फैसले से अन्य ई-कॉमर्स को भी होगा फायदा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.