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सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए ऑर्डर की भरमार

उज्ज्वल जौहरी /  03 18, 2018

शानदार भविष्य की राह पर कंपनियां

ऑर्डर प्रवाह में तेजी की वजह से सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियां शानदार भविष्य की ओर बढ़ रही हैं। आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर को तमिलनाडु में बुधवार को 34.9 अरब रुपये की दो हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) परियोजनाएं मिलीं। दिलीप बिल्डकॉन, सदभाव इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्ïस, केएनआर कंस्ट्रक्शंस और अशोका बिल्डकॉन ने भी अच्छा ऑर्डर प्रवाह दर्ज किया है। 2017-18 के पहले 9 महीनों (अप्रैल-नवंबर) में ऑर्डर बुक वृद्धि धीमी रही और उसके बाद से इनमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और अन्य सरकारी परियोजनाओं से तेजी आई है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों का कहना है कि कई बड़ी निर्माण कंपनियों के लिए ऑर्डरों की संख्या उनके वित्त वर्ष 2017 के मुकाबले पार जा चुकी है। इन कंपनियों को वित्त वर्ष 2018 के पहले 11 महीनों में ही 2017 की तुलना में ज्यादा ऑर्डर हासिल करने में मदद मिली है।

यह शुभ संकेत है और इससे इनकी आय संभावना में सुधार आया है। साइटेमैटिक्स शेयर्स के दिव्यता दलाल का कहना है कि हाल के ऑर्डरों का ज्यादातर लाभ वित्त वर्ष 2019 की दूसरी छमाही से मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन आय परिदृश्य में मजबूत सुधार वित्त वर्ष 2020 से ही दिखेगा। महत्त्वपूर्ण यह है कि और अधिक ऑर्डरों की संभावना है। आईआईएफएल के विश्लेषकों का कहना है कि कंपनियां ऐसी स्थिति की संभावना जता रही हैं जिसमें परियोजना कुछ दिन में मिल सकती हैं। विश्लेषकों को मार्च और जून तिमाहियों में आपूर्ति ज्यादा रहने की संभावना है क्योंकि इस संबंध में पिछले कार्य निपटाए जाने की संभावना है। 2019 का आम चुनाव भी इसमें तेजी लाएगा। एनएचएआई 1,416 अरब रुपये की 7,768 किलोमीटर की परियोजनाओं के लिए बोलियां आमंत्रित कर रहा है।

विश्लेषकों के अनुसार इनमें 61 और 38 प्रतिशत एचएएम और ईपीसी (इंजीनियरिंग, संवद्र्घन और निर्माण) परियोजनाएं हैं, जबकि सिर्फ 1 प्रतिशत टोल से संबंधित हैं। इसलिए ईपीसी और एचएएम में ऐसेट-लाइट सड़क निर्माण कंपनियां सुर्खियों में बनी हुई हैं।  शेयरों के संदर्भ में बात की जाए तो कोटक इंस्टीट्ïयूशनल इक्विटी ने अशोका बिल्डकॉन और सदभाव इंजीनियरिंग पर अपना सकारात्मक नजरिया बरकरार रखा है। वहीं आईआईएफएल के विश्लेषकों का मानना है कि सदभाव के अलावा दिलीप बिल्डकॉन और पीएनसी इन्फ्राटेक प्रमुख लाभार्थी होंगी।

दिव्यता दलाल का कहना है कि केएनआर कंस्ट्रक्शंस भी मजबूत स्थिति में दिख रही है। कंपनी को कुछ दिन पहले ही पहली एचएएम परियोजना मिली है जिससे उसकी ऑर्डर बुक मजबूत हुई है। कोटक के विश्लेषकों का कहना है कि केएनआर को वित्त वर्ष 2019 में 25-30 अरब रुपये के नए ऑर्डर जुडऩे का अनुमान है और वह एचएएम परियोजनाओं के वित्त पोषण को पूरा करने में सफल साबित हो सकती है।  दिलीप बिल्डकॉन, अशोका बिल्डकॉन और सदभाव इंजीनियरिंग परियोजना क्रियान्वयन के संदर्भ में मजबूत रिकॉर्ड वाली कंपनियों में शुमार हैं।

पीएनसी को वित्त वर्ष 2018 की पहली छमाही में धीमे क्रियान्वयन का सामना करना पड़ा, लेकिन वह अब इसमें तेजी दर्ज कर रही है। एडलवाइस सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक और घटती क्रियान्वयन संबंधित चुनौतियों से राजस्व वृद्धि को मजबूत बनाने में पीएनसी को मदद मिलेगी और कंपनी वित्त वर्ष 2019 में राजस्व और मुनाफे, दोनों के संबंध में अनुमानों को पीछे छोडऩे में कामयाब रहेगी।

एमके ग्लोबल का कहना है कि उसे अशोका बिल्डकॉन के लिए ऑर्डर बुक की स्थिति मजबूत रहने की उम्मीद है, क्योंकि कंपनी को कम कर्ज की वजह से भी ईपीसी राजस्व वित्त वर्ष 2017-20 के दौरान सालाना आधार पर 17 प्रतिशत तक बढ़ाने में मदद मिलेगी। ताजा ऑर्डर से संकेत मिलता है कि वृद्धि की रफ्तार तेज हो सकती है। 19 अरब रुपये के ताजा ऑर्डरों को ध्यान में रखकर कोटक इंस्टीट्ïयूशनल इक्विटीज ने अपना आगामी अनुमान संशोधित कर दिया है और इस शेयर के लिए कीमत लक्ष्य भी पूर्व के 285 रुपये से बढ़ाकर 310 रुपये कर दिया है।

दिलीप बिल्डकॉन क्रियान्वयन के संदर्भ में लगातार मजबूती दर्ज कर रही है और उसने वित्त वर्ष 2018 के पहले 9 महीनों की अवधि में राजस्व में एक साल पहले की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वह निविदाओं में भी अच्छी तेजी दर्ज कर रही है। इन सब बातों को ध्यान में रखकर नोमुरा के विश्लेषक इस शेयर पर सकारात्मक बने हुए हैं। ऑर्डर बुक में सुधार, मजबूत क्रियान्वयन और बैलेंस शीट की वजह से कंपनी ज्यादातर ब्रोकरों का पसंदीदा शेयर बनी हुई है। आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पोर्टफोलियो में टोल-रोड परियोजनाओं की ज्यादा भागीदारी है और उसकी ऑर्डर बुक से कुछ चिंताएं भी जुड़ी हुई हैं।

ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा है कि एनएचएआई के ऑर्डर प्रवाह में टोल ऑर्डरों के अभाव को देखते हुए कंपनी को अल्पावधि में नए ऑर्डर हासिल करने में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि आईआरबी को एचएएम परियोजनाएं मिलनी शुरू हो गई हैं और इससे कंपनी के परिदृश्य में बड़ा सुधार आएगा। 

Keyword: road, construction, company, NHAI,,
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