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आईसीआईसीआई सिक्यो. का आईपीओ : कर लाभ पर सवाल

समी मोडक / मुंबई March 15, 2018

आईसीआईसीआई बैंक अपनी निवेश बैंकिंग इकाई आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम मौजूदा वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले पेश करने में कामयाब रहा है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि क्या बैंक इस लेनदेन पर लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ कर पर छूट का फायदा उठाने में सक्षम होगा। 

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का 40 अरब रुपये का आईपीओ 22 मार्च को खुलकर 26 मार्च को बंद होगा। आईपीओ आवंटन की प्रक्रिया को पूरा करने में पांच कार्यदिवस और लगेंगे, जो पूंजीगत लाभ के आकलन के लिए महत्वपूर्ण है। 


आदर्श रूप में आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मामले में भुगतान 31 मार्च से पहले हो सकता है, हालांकि दो सार्वजनिक अवकाश के चलते यह लेनदेन अगले वित्त वर्ष में भी जा सकता है। अभी 12 महीने से ज्यादा अवधि तक निवेशित इक्विटी शेयरों की बिक्री पर होने वाले एलटीसीजी लाभ को कर से पूरी छूट है। लेकिन 1 अप्रैल से एलटीसीजी 10 फीसदी की दर से वसूला जाएगा।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की शेयर बिक्री पूरी तरह से पैरंट आईसीआईसीआई बैंक का ऑफर फॉर सेल है। दूसरे शब्दों में आईपीओ की पूरी रकम 40 अरब रुपये निजी क्षेत्र के इस बैंक का पूंजीगत लाभ है, जो बैंक अपनी निवेश इकाई की करीब 24 फीसदी हिस्सेदारी के विनिवेश से हासिल करेगा। आईपीओ का प्रबंधन करने वाले एक निवेश बैंकर ने कहा, अगर आवंटन की प्रक्रिया 31 मार्च से पहले पूरी होती है तो आईसीआईसीआई बैंक को कर लाभ मिल जाएगा। 

हालांकि अगर यह प्रक्रिया (मुख्यत: भुगतान) 1 अप्रैल या इसके बाद होता है तो बैंक को इससे मिलने वाली रकम पर पूंजीगत लाभ कर देना होगा। आईपीओ की समयसारणी छह कार्यदिवस की है। छह दिन की प्रक्रिया में बोली में संशोधन, एक्सचेंज की मंजूरी, आवंटन को अंतिम रूप देना, एस्क्रो खाते से निवेशकों को प्रतिभूतियों का हस्तांतरण और निवेशक के खाते से रकम का हस्तांतरण इश्यू करने वाले खाते में करना शामिल है।

महावीर जंयती और गुड फ्राइडे की छुट्टी 29 मार्च व 30 मार्च को है, जो परेशानी पैदा करेगा। इन दो दिनों में बैंक व एक्सचेंज बंद रहेंगे, ऐसे में आवंटन व भुगतान 3 अप्रैल को सकता है जबकि सूचीबद्धता 5 अप्रैल को हो सकती है। 

कर से जुड़े एक वकील ने कहा, तकनीकी रूप से जिन दिन शेयर का हस्तांतरण व आवंटन होता है, उसे कर के लिहाज से लेनदेन का दिन माना जाएगा। आईपीओ बंद होने या सूचीबद्धता महत्वपूर्ण नहीं है।

सूत्रों ने कहा, इन्वेस्टमेंट बैंक सार्वजनिक अवकाश के दौरान आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने की मंजूरी एक्सचेंजों से मांग रहे हैं ताकि लेनदेन इस वित्त्त वर्ष में पूरी की जा सके। हालांकि एक्सचेंज ने अब तक कुछ नहीं कहा है कि ऐसा हो सकता है या नहीं।

सूत्रों ने कहा कि बैंक इस सौदे को मौजूदा वित्त वर्ष में पूरा करना चाहता है, लेकिन अगर यह अगले वित्त वर्ष में हुआ तो इसके पास कर चुकाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।
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